उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध पूर्णागिरि मेले में चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन रविवार को करीब चालीस हजार भक्तों ने देवी मां के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया। नवरात्रों के पूरे नौ दिन मां के दरबार में भक्तों की बड़ी संख्या में आवाजाही का क्रम लगातार बना रहेगा।
प्रथम नवरात्र के दिन मां पूर्णागिरि धाम में भक्तों का भारी सैलाब उमड़ने से देवी के दर्शन के लिए यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी थी लेकिन दूसरे दिन श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। पं. भुवन चंद्र पांडेय के मुताबिक रविवार को करीब चालीस हजार भक्त मां के दरबार में पहुंचे। भीड़ नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काली मंदिर से मुख्य मंदिर के बीच बैरिकेडिंग लगानी पड़ी।
मेले में उत्तर भारत के कोने-कोने से हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही हो रही है। रोडवेज बसों, ट्रेनों के अलावा निजी साधनों से आ-जा रहे भक्तों के उद्घोषों से समूचे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
देवी मां के दर्शन के उपरांत बड़ी संख्या में श्रद्धालु पड़ोसी देश नेपाल में स्थित बाबा सिद्धनाथ के दर्शन को जा रहे हैं जिससे नेपाल के सीमांत बाजारों में भी खासी चहल-पहल बनी हुई है।
नेपाल के डीएम ने भी किए मां पूर्णागिरि के दर्शन
नेपाल के कंचनपुर जिले के प्रमुख जिलाधिकारी सुशील वैद्य ने नवरात्र के पहले दिन शनिवार को परिवार के साथ मां पूर्णागिरि के दर्शन किए। काली मंदिर में मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने उनका स्वागत किया। दर्शन कर लौटने के बाद कुछ देर मंदिर समिति कार्यालय में विश्राम को रुके प्रमुख जिलाधिकारी वैद्य ने अतिथि पंजिका में मेले की व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए मेेला प्रशासन और मंदिर समिति का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा है कि पूर्णागिरि धाम और बाबा सिद्धनाथ धाम से दोनों देशों की आस्था जुड़ी हुई है।
परिजनों से बिछुड़ी बहराइच निवासी वृद्धा ने दम तोड़ा
प्रथम नवरात्र की भारी भीड़ में परिजनों से बिछुड़ी वृद्धा की मौत हो गई। पंचनामा भरकर पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। कोतवाल चंद्र मोहन सिंह ने बताया कि बहराइच जिले के थाना नानपारा ग्राम खेरा निवासी धनकला (60) पत्नी घसीटेलाल मां पूर्णागिरि के दर्शन कर लौटते समय परिजनों से बिछुड़ गई थीं। कोतवाली गेट के पास लावारिस हाल में मिलीं धनकला की तबीयत खराब होने पर पुलिस ने उन्हें संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके परिजनों को तलाश कर अस्पताल लाया गया। परिजनों ने बताया कि धनकला बीमार थीं, संभवत: बीमारी की वजह से ही मौत हुई है।
चुनाव के लिए बाहरी जिलों का पुलिस फोर्स वापस
पूर्णागिरि मेला ड्यूटी में आई बाहरी जिलों की पुलिस रविवार को चुनाव ड्यूटी के लिए वापस हो गई है। इसके बाद मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिले का ही अतिरिक्त फोर्स मेला ड्यूटी में भेजा गया है। सीओ नरेश चंद ने बताया कि बाहरी जिलों से करीब 50 पुलिस कर्मी मेला ड्यूटी के लिए आए थे, जिन्हें चुनाव ड्यूटी के लिए उनके जिलों में वापस कर दिया गया है। सीओ ने बताया कि लौटाए गए फोर्स की जगह जिले का अतिरिक्त फोर्स मंगाकर मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर तैनात कर दिया गया है।