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कब मूर्त रूप ले पाएगी प्रस्तावित पंचेश्वर बांध परियोजना

Sun, 07 Apr 2019 11:14 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन सतीश जोशी ‘सत्तू’ चंपावत।
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लोकसभा चुनाव को लेकर राजनैतिक दलों की ओर से जनता से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को दरकिनार किया जा रहा है। बीते पांच वर्षों में चर्चाओं के केंद्र में रही बहुउद्देशीय पंचेश्वर बांध परियोजना की बात की जाए तो राजनैतिक दलों के एजेंडे में बांध परियोजना का कहीं कोई जिक्र नहीं है। 

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बांध निर्माण की सुस्त गति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अरबों रुपये की लागत से बनने वाली परियोजना के डूब क्षेत्र में आने वाले पेड़ों की गिनती के लिए वन विभाग को महज 22 लाख रुपये की धनराशि तक नहीं मिल पाई है। इस कारण एक साल से बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले पेड़ों की गिनती पर भी ब्रेक लग गया है।

डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों के ग्रामीणों के मन में यह आशंका है कि प्रस्तावित पंचेश्वर बांध परियोजना कभी मूर्त रूप ले भी पाएगी या नहीं। गौरतलब है कि प्रस्तावित पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले इलाकों में दिसंबर 2017 से पेड़ों की गिनती शुरू हुई था। बाराकोट विकासखंड के रैघांव से लेकर तोलागांव, सुंगारखाल, कोठेरा, बेट्टा, नेत्र सलान, बरयूड़ी सहित डूब क्षेत्र में आने वाले 80 से 100 हेक्टेयर वन क्षेत्रों में करीब 65 हजार पेड़ों को गिना गया लेकिन पेड़ों की गिनती के कार्य में लगे मजदूरों का भुगतान नहीं होने से वन विभाग ने मार्च 2018 में पेड़ों की गिनती का कार्य रोक दिया।
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इस कारण अभी 350 से 400 हेक्टेयर में पेड़ गिने जाने शेष हैं। ग्रामीण जनप्रतिनिधि केशव दत्त, किशोर चंद्र, मनोज सिंह, हरीश चंद्र, वासुदेवानंद आदि के अनुसार डूब क्षेत्र में करीब चार लाख से अधिक पेड़ों की गिनती की जानी है लेकिन बीते एक साल में अब तक महज 65 हजार पेड़ों की गिनती ही हो पाई है।

पंचेश्वर बांध से संबंधित वाप्कोस कंपनी ने धन के भुगतान के लिए फरवरी 2018 में बैंक खाता संख्या मांगी थी मगर धन अब तक नहीं मिल सका है। इस कारण विभाग को पेड़ों की गिनती रोकने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
 केएस बिष्ट, प्रभागीय वनाधिकारी, चंपावत।

प्रस्तावित पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्रों में पेड़ों की गिनती के लिए वन विभाग ने 22 लाख रुपये की मांग की  थी। इस रकम के लिए वाप्कोस कंपनी को कई बार लिखा जा चुका है। अब फिर से कंपनी को रिमाइंडर भेजा जाएगा। 
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रणवीर सिंह चौहान, जिलाधिकारी, चंपावत। 

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