फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोक निर्माण विभाग की दस सड़कों पर वन भूमि की आपति

विज्ञापन
विज्ञापन
चंपावत। जिले के सीमांत गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से एक साल पहले 14 सड़कों के प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे। लेकिन वन भूमि के ऑनलाइन नहीं होने से दस सड़कों को निर्माण की स्वीकृति नहीं मिल पाई है। अब इन सड़कों के निर्माण के प्रस्ताव दोबारा से शासन को भेजे जाएंगे।
विज्ञापन


सड़क सुविधा नहीं होने से सीमांत गांवों के ग्रामीणों को कई किमी दूर पैदल सफर करना पड़ता है। गांवों को सड़क से जोड़ने को लेकर ग्रामीण कई बार धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं। जिसे देखते हुए लोनिवि ने ग्रामीण क्षेत्र को सड़क से जोडने के 14 सड़कों का प्रस्ताव शासन को भेजा था। इसमें से केवल चार सड़कों की वन भूमि ऑनलाइन हो पाई है।

लोनिवि के अधिशासी अभियंता डीडी भट्ट ने बताया कि सड़कों के निर्माण से पूर्व जीपीएस के माध्यम से ऑनलाइन सर्वे की जाती है। कई बार जीपीएस सर्वे में प्रस्तावित मार्ग में हरी झाड़ियां दिखने पर भी ऑनलाइन नहीं हो पाती है। अब शेष सड़कों को ऑनलाइन करने के लिए दोबारा से प्रस्ताव भेजा
विज्ञापन



इन सड़कों पर लगी वन भूमि संबंधी आपत्ति
चंपावत। जिले के सीमांत गांवों के लिए प्रस्तावित दियूरी-चल्थी, ललुवापानी-नघान, तामली-गढ़मुक्तेश्वर, धूनाघाट-भिगराड़ा, भिंगराड़ा-रीठासाहिब, मट्टीखाल-सौराई, बसोटी-रौकुंवर, सिमियाउरी-तामली, मंच-बकोड़ा और बिनवाल गांव-धूरा मोटर मार्ग में वन भूमि की आपत्ति लगी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें