चंपावत। टनकपुर पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को ऑल वेदर रोड में तब्दील किए जाने को लेकर विभिन्न स्थानों में प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा बांटने की प्रक्रिया जारी है। इसी के साथ ही काश्तकारों की ओर से मुआवजे की पत्रावलियां बनाने का कार्य तेज हो गया है।
तहसील मुख्यालय में इन दिनों भूमि के मुआवजे लेने के लिए हर दिन भीड़ उमड़ रही है। ऑल वेदर रोड में प्रभावित होने वाले बस्तिया, सूखीढांग, चल्थी, बेलखेत, स्वांला, अमोड़ी, धौन, बनलेख, मुड़ियानी आदि स्थानों के काश्तकारों को मुआवजा वितरित किया जा रहा है। इससे पूर्व राजस्व विभाग की ओर से प्रभावित गांवों में शिविर लगाकर मुआवजे की पत्रावलियां तैयार की गई थी। लेकिन इसके बाद भी अभी कई काश्तकारों के मुआवजे की पत्रावलियां बननी शेष है। जिसे लेकर इन दिनों युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा के अनुसार अब तक जिन काश्तकारों की पत्रावलियां तैयार होकर जमा हो चुकी हैं उन्हें मुआवजे के चैकों का वितरण किया जा चुका है। जबकि शेष काश्तकारों के मुआवजे की पत्रावलियां तैयार की जा रही हैं।
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मुआवजा सूची में नाम शामिल न करने की शिकायत
चंपावत। यहां ऑल वेदर रोड से प्रभावित हो रहे मुड़ियानी ग्राम पंचायत के छीड़ापानी तोक के कई परिवारों ने उनके नाम मुआवजा सूची में शामिल नहीं करने की शिकायत की है। इस संबंध में छीड़ापानी तोक निवासी नारायण दत्त जोशी, शंकर दत्त जोशी, हिरोमणी भट्ट, मोती राम और रूद्रमणी जोशी की ओर से एसडीएम सदर को शिकायती पत्र सौंपा गया है। जिसमें कहा गया है कि वर्ष 1953 में यहां रह रहे काश्तकारों को मुआवजा सूची में शामिल नहीं किया गया है। जबकि उनके पास भूमि रजिस्ट्री संबंधी सभी दस्तावेज मौजूद हैं।