दो मार्च से चार अप्रैल तक हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड के इम्तिहान होंगे। इन परीक्षाओं की आयोजक संस्था बेशक एक (उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षा परिषद) है, मगर परीक्षा कक्ष में मिलने वाली सामान्य सुविधाएं भी सभी अभ्यर्थियों को एक जैसी नहीं है। चंपावत जिले में ही 20 से अधिक परीक्षा केंद्र ऐसे हैं, जहां जरूरत के अनुरूप फर्नीचर उपलब्ध नहीं है। ऐसे में करीब 2900 अभ्यर्थियों को फर्श पर बैठकर इम्तिहान देना पड़ेगा।
जिले से इस साल हाईस्कूल में 5404 और इंटरमीडिएट में 4035 अभ्यर्थी हैं। हाईस्कूल के लिए 39 एवं इंटरमीडिएट के लिए 38 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। शिक्षा विभाग के मुताबिक इस बार तामली और चौड़ाकोट दो नए परीक्षा बनाए गए हैं। जिले के इन परीक्षा केंद्रों में से चुनिंदा ही ऐसे हैं, जहां सभी परीक्षार्थियों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था है। 9439 अभ्यर्थियों में से तकरीबन 2900 अभ्यर्थियों को जमीन पर दरी अथवा टाट-पट्टी पर बैठकर इम्तिहान देना पड़ेगा। कुर्सी से वंचित ज्यादातर केंद्र पाटी और बाराकोट के हैं, लेकिन जिला मुख्यालय और आसपास के कई केंद्रों के हाल भी बहुत अलग नहीं है।
पर्याप्त संख्या में फर्नीचर की उपलब्धता नहीं होने से इन केंद्रों में भी काफी छात्र-छात्राओं को दरी पर बैठक इम्तिहान देना पड़ेगा। चंपावत जीआईसी में 2015 में हुई हाईस्कूल और इंटर के 550 परीक्षार्थियों में से 341 के लिए कुर्सी की व्यवस्था नहीं थी। चूंकि कुर्सियों की अब तक उपलब्धता नहीं हुई है। ऐसे में इस बार भी हालात बदलेंगे, इसकी संभावना कम है।
प्रभावित होती है लिखने की स्पीड
जमीन पर बैठकर इम्तिहान देने वाले परीक्षार्थी घाटे में रहते हैं। जमीन के बजाय कुर्सी-मेज पर लिखने वालों को सुविधा के साथ लिखने की स्पीड का भी लाभ होता है। शिक्षाविदों का कहना है कि जमीन पर बैठने से लेख में असर पड़ने के अलावा लिखने की गति कुर्सी की अपेेक्षा कम हो जाती है। छात्र आमतौर पर घर से लेकर स्कूल तक में कुर्सी-मेज पर ही काम करते हैं, जिससे उसे परीक्षा के दौरान अधिक नुकसान भुगतना पड़ता है। इसके अलावा पहाड़ों पर फर्श में बैठने वाले परीक्षार्थियों को सुबह की शिफ्ट में ठंड की मार भी झेलनी पड़ती है। इसका भी उनके प्रदर्शन पर असर पड़ता है।
पिछले साल की अपेक्षा इस बार अभ्यर्थियों की संख्या 242 से बढ़कर 9439 हो गई है। सभी केंद्रों में शत-प्रतिशत कुर्सी की व्यवस्था फिलहाल नहीं है। बीते वर्ष एक-तिहाई छात्रों ने फर्श पर बैठकर परीक्षा दी थी। कमोबेश इस बार भी कुछ केंद्रों में अभ्यर्थियों को कुर्सी की उपलब्धता नहीं हो सकेगी। अलबत्ता आगे से सभी अभ्यर्थियों के लिए कुर्सी की उपलब्धता कराने का विभाग प्रयास कर रहा है। -हयात सिंह मियान, प्रभारी मुख्य शिक्षाधिकारी, चंपावत।