खराब हाल में पहुंची खर्ककार्की जाने वाली सड़क।
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लोनिवि द्वारा पुनर्निर्माण के लिए भेजी गई 26 सड़कों का मामला विश्व बैंक के डिवीजन में अटका है। 2014 में इन सड़कों को विश्व बैंक डिवीजन को सौंपने के बाद बैंक ने डिटेल प्रोजक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को भेजी थी। 130 किलोमीटर की 26 सड़कों की मरम्मत के लिए 74.78 करोड़ रुपये की मांग की गई थी, लेकिन धनावंटन न होने से यह अटक गया है। इसके चलते 57 ग्राम पंचायत के लोग प्रभावित हो रहे हैं।
पंचेश्वर-घाट, झड़पतियां-टुंटाबिष्ट, ललुवापानी-हिंगलादेवी, भनौली-सिव्योली, ढोलीगांव-रिखोली, पाटी-छत्रद्यार-गुम, टाक खंदक-करोली, तल्लीलमाई-भरछाना, रौसाल-असलाड़ आदि 26 रोड विश्व बैंक को दी गई हैं। इसमें 17 लोहाघाट विधानसभा तथा नौ चंपावत विधानसभा की सड़कें शामिल है। विश्व बैंक के मुख्य अभियंता संत राम का कहना है कि धन आवंटन होने के बाद ही विश्व बैंक का डिवीजन सड़कों को अपने हाथ में लेता है।
शासन से स्वीकृति की प्रत्याशा है। वहीं लोनिवि के अधीक्षण अभियंता डीएस हयांकी का कहना है कि जब तक बैंक को वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलती है, तब तक इन सड़कों का रखरखाव विभाग की ओर से ही किया जाएगा।