चंपावत। उद्योग विभाग की ओर से संचालित शिल्पी पेंशन योजना के तहत इस वर्ष चंपावत में 23 नए शिल्पियों को पेंशन योजना का लाभ मिलेगा। अब तक शिल्पी पेंशन योजना के तहत जिले के 12 शिल्पियों को ही पेंशन योजना का लाभ मिल रहा था। अब यह संख्या बढ़कर 35 हो जाएगी।
शिल्पी पेंशन योजना के तहत हस्तशिल्प, मिट्टी के बर्तन, काष्ठशिल्प, हथकरघा के अलावा लौहशिल्प के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिल्पियों को प्रतिमाह 400 रुपये की पेंशन धनराशि का भुगतान किया जाता है।
उद्योग विभाग की ओर से 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के शिल्पकारों की बेहतरी के लिए शिल्पी पेंशन योजना का शुभारंभ किया गया है। प्रदेश में शिल्पी पेंशन योजना लागू किए गए एक साल बीत गया है। विभाग की ओर से शिल्पी पेंशन योजना का लाभ उन्हीं शिल्पकारों को दिया जा रहा है, जिन्हें समाज कल्याण विभाग की वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिलता है।
कागजात पूरे न होने पर एक अभ्यर्थी का आवेदन निरस्त
चंपावत। उद्योग विभाग की ओर से संचालित शिल्पी पेंशन योजना के लिए इस वर्ष 24 आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे। कागजात पूरे न होने पर एक अभ्यर्थी का आवेदन जिला स्तरीय चयन समिति ने निरस्त कर दिया है।
उद्योग विभाग की ओर से बीते वर्ष से शुरू की गई शिल्पी पेंशन योजना में दूसरे वर्ष में 23 नए लाभार्थियों का चयन किया गया है। जबकि पहले वर्ष में 12 लोगों को शिल्पी पेंशन योजना का लाभ दिया गया है।
जीबी जोशी, उद्योग महाप्रबंधक, चंपावत।