चंपावत। जिले की दुग्ध डेरियों से दूध ढोने वाले वाहनों के लिए दुग्ध संघ को अनुदान के रूप में 11.81 लाख रुपये की धनराशि मिल गई है। समितियों से दूध ढोने वाले वाहनों को जल्द अनुदान राशि दी जाएगी। वर्तमान में चंपावत जिले में 192 डेरियों से दूध एकत्रित किया जाता है।
दुग्ध संघ को यातायात अनुदान के रूप में सामान्य में 8 लाख 70 हजार और एससीपी यातायात में तीन लाख 11 हजार की धनराशि मिली है।
इन सभी दुग्ध वाहनों को लंबे समय से अनुदान नहीं मिलने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। दुग्ध संघ ने ग्रामीण और शहरी डेरियों से दुग्ध वाहनों के माध्यम से एकत्रित किया जाता है। डेरियों से दुग्ध को एकत्रित कर वाहन से दुग्ध संघ मेें लाया जाता है। इसके बाद वाहन के माध्यम से खटीमा को भेजा जाता है।
192 समिति से प्रतिदिन मिलता है 12 हजार लीटर दूध
दुग्ध संघ के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खोली गई दुग्ध समितियों से प्रतिदिन 12 हजार 532 लीटर दूध एकत्रित किया जाता है। इसके वाद यातायात के माध्यम से जिला मुख्यालय के दुग्ध संघ की डेरी में पहुंचाया जाता है।
यातायात अनुदान के रूप में सामान्य में आठ लाख 70 हजार और एससीपी में तीन लाख 11 हजार रुपये की धनराशि मिल गई है। यह यातायात अनुदान जल्द से जल्द समिति से दूध ढोने वाले वाहनों स्वामियों के खाते में डाल दिया जाएगा।
- राजेश मेहता, दुग्ध प्रबंधक, दुग्ध संघ चंपावत।