चंपावत। चंपावत में कूड़े के निस्तारण का हल तो नहीं हो पा रहा है, उल्टे कूड़े में लगी आग लोगों के लिए सिरदर्द बन रही है। सोमवार सुबह एक बार फिर कूड़े के ढेर में किसी ने आग लगा दी, जिससे निकले धुंए ने लोगों को परेशान करे रखा। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार का कहना है कि कुछ बकरी चराने वालों ने आग लगाई होगी। बाद में दो टैंकर पानी से आग को बुझाया जा गया।
नगर क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण के लिए टंचिंग ग्राउंड नहीं है। शहर का कूड़ा करीब पांच किमी दूर सर्किट हाउस के पास खेतीखान रोड के किनारे फेंका जाता है। कूड़े के ढेर से दुर्गंध तो होती ही थी, अब कूड़े के ढेरों में आग लगाए जाने की घटनाएं भी बढ़ रही है। सोमवार सुबह एक बार फिर कूड़े के ढेर में आग लगी। पालिका ने दो टैंकर पानी भेज कर आग पर काबू पाया। आग व धुंए से लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। सेलाखोला वन पंचायत के सरपंच कैलाश अधिकारी का कहना है कि इस साल अब तक आठ बार आग लग चुकी है। इससे यहां की वन्य संपदा और पर्यावरण प्रभावित हो रहा है। पालिका से लेकर प्रशासन तक को कई बार इस संबंध में जानकारी दी जा चुकी है, मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
खतरनाक है धुंआ : डॉ. खंडूरी
जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि आग से लगे धुंए से न केवल आसपास का तापमान बढ़ता है, बल्कि लोगों की सेहत के लिए भी ये काफी नुकसानदायक है। आंखों में जलन, सांस की तकलीफ के साथ एलर्जी का खतरा भी बढ़ जाता है। साथ ही अधिक कार्बन मोनोऑक्साइड से बैचेनी भी होती है। इससे बचने के लिए खुले में कम रहने के अलावा पानी का अधिक सेवन किया जाना चाहिए।