पाटी (चंपावत)। पाटी में बसंत पंचमी के बाद से बैठकी होली का जोर है। विभिन्न राग-रागनियों में होल्यार देर रात तक झूमते नजर आ रहे हैं। होल्यार पीले रंग की टोपी और केसरिया रंग का साफा पहनकर होली गायन में जुटे हुए हैं।
मां बाराही सुगम संगीत समिति के सदस्य सतीश जोशी के आवास में हुई बैठकी होली में संगीतज्ञ टीकाराम सोराड़ी और खीमानंद जोशी ने गणेश वंदना के साथ बैठकी होली का शुभारंभ किया। भुवन चंद्र जोशी ने राग काफी में नंद नंदन मोरी बैय्यां गहो ना, चंद्रशेखर गहतोड़ी ने इसी राग में जित देखूं तित श्याम गीत प्रस्तुत कर माहौल को भक्ति मय बना दिया।
सुरेश चंद्र भट्ट ने राग देश में केशर रंगों में अंगिया भिगोयी, टीकाराम सोराड़ी ने राम की महिमा को भव भंजन गुन गाउ, खीमानंद जोशी ने राग काफी में कीजेे कौन उपाय, डॉ.घनश्याम शर्मा ने भोले शंकर रमे गिरिजा के संग, सतीश चंद्र जोशी ने ओओ मेेरी सखियों मुझे मेंहदी लगादो, बाल कलाकार अमित जोशी ने बाजे बाजे रे कन्हायी मैने न्यौता दिया भगवान को, विवेक पनेरू ने राग केदार में दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी अंखियां प्यासी रे गीत से वातावरण को भक्तिभाव में सराबोर कर दिया।
चंद्रशेखर जोशी ने राग यमन में जै-जै मां सरस्वती, धीरज पंत ने तीन ताल में पूछो ना कैसे मैने रैन बितायी, गोकुलानंद भट्ट ने राग काफी में जटन विराजत गंगे ओ भोले नाथ दिगंबर, भुवन जोशी ने राग सहाना में मुरूली अधर धर तान सुनावे से बैठकी होली का समापन किया। देर रात तक चली होली में तबलेे में संगत विवेक पनेरू, मयंक पनेरू, चंद्रशेखर गहतोड़ी, गोकुल भट्ट, सुरेश चंद्र और मथुरादत्त ने दी। चंद्रेश, मयंक, विवेक, कुसुम, खुशी, रेखा आदि ने सुर में सुर मिलाया।