चंपावत। जिले में जहां सेवायोजन कार्यालय में रोजगार हासिल करने के लिए पंजीकरण कराने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वहीं केंद्र सरकार की ओर से सीखो और कमाओ योजना के तहत युवाओं में रोजगार हासिल करने के प्रति आकर्षण घट रहा है। दरअसल केंद्र सरकार की ओर से प्रशिक्षण के बाद रोजगार दिलाने की योजना युवाओं को रास नहीं आ रही है। जिस कारण वह आजीविका कौशल पंजी एप में अपना पंजीकरण कराने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं।
केंद्र सरकार की ओर से जिले में बेरोजगारों की संख्या का पता लगाने के लिए पांच कंपनियों को सर्वेक्षण का कार्य सौंपा गया है। जिसके तहत जिले में बेरोजगारों के पंजीकरण के लिए इन दिनों कौशल एप में युवाओं पंजीकरण प्रक्रिया जारी है। लेकिन एक माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी आजीविका पंजी एप में जिले से केवल 250 बेरोजगारों का पंजीकरण ही हो पाया है। जागरूकता के अभाव में अधिकांश बेरोजगार युवाओं को कौशल पंजीकरण एप के बारे में जानकारी नहीं होने से अब तक पंजीकरण कराने वाले युवाओं की संख्या बेहद सीमित है।
पांच कंपनियों को दिया गया है सर्वे का कार्य
चंपावत। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) के परियोजना निदेशक हरगोविंद भट्ट के अनुसार केंद्र सरकार की ओर से जिले में आनंद बुक इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड, अपोलो मेड स्किल लिमिटेड, विश्व भारती एजुकेशन डेवलपमेंट ट्रस्ट, टीम लीज सर्विसेज लिमिटेड और मार्ग कंपोशोफ्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों को बेरोजगारों के पंजीकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कंपनियां स्वास्थ्य, मोबाइल, इंटरनेट सहित टीवी, फ्रिज मरम्मत आदि क्षेत्रों में प्रशिक्षण देंगी और उसके बाद संबंधित युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएंगी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में किसी भी प्रकार का कोई शुल्क अभ्यर्थियों से नहीं लिया जाएगा और उन्हें अन्य सुविधाएं भी निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
एनड्रायड फोन के जरिए किया जाना है पंजीकरण
चंपावत। परियोजना निदेशक ने बताया कि बेरोजगार अभ्यर्थियों को अपने एनड्रायड फोन के जरिए कौशल पंजी एप में अपना पंजीकरण करना है। जिसके बाद अभ्यर्थियों की रुचि के अनुरूप रोजगार और प्रशिक्षण के लिए कंपनियां उनसे संपर्क करेंगी। उन्होंने बताया कि बेरोजगारों के कौशल एप में पंजीकरण का उद्देश्य केंद्र सरकार की साइट पर बेरोजगारों की संख्या का आंकलन करना है।