चंपावत। जिले में नागरिकों के लिए अब अपना भवन बनाना आसान नहीं होगा। दरअसल नवगठित जिला विकास प्राधिकरण के तहत नए आवासों के बनाने के लिए कई कड़े नियम कानून बनाए हैं।
शनिवार को जिला कार्यालय सभागार में डीएम डॉ.अहमद इकबाल की अध्यक्षता में हुई जिला विकास प्राधिकरण की बैठक में बताया गया कि भवन निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत करने के प्रस्ताव जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के जिला मुख्यालय सहित क्षेत्रीय कार्यालय में भी प्रस्तुत किए जा सकते हैं। बताया गया कि 350 वर्ग मीटर भूखंड क्षेत्रफल में एकल आवासीय भवन का मानचित्र क्षेत्रीय कार्यालय तथा इसके अतिरिक्त सभी भूखंडों में आवासीय भवन के मानचित्र मुख्यालय स्तर पर जारी किए जाएंगे।
डीएम ने कहा कि निर्माण बिना मानचित्र एवं स्वीकृति के साथ स्वीकृति मानचित्र से हटकर बनाया जा रहा हो तो प्राधिकरण की धारा 26 के तहत कार्य रोकने के आदेश जारी किए जाएंगे। अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण के लिए धारा 27 के तहत कार्रवाई की जाएगी। नगर एवं ग्राम्य नियोजन विभाग हल्द्वानी से आए एसएम श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग, स्टेट हाईवे, लोनिवि की सड़कों से लगे 200 वर्ग मीटर के गांवों में भवन निर्माण की सूचना भी प्राधिकरण को देनी होगी। उन्होंने बताया कि मानचित्र स्वीकृत करने के प्रस्ताव पर आवेदक को आवेदन के साथ विकास शुल्क भी जमा करना होगा। उन्होंने बताया कि भवन निर्माण के मानचित्र प्रस्ताव में भवन का पहुंच मार्ग कम से कम दो मीटर चौड़ा होना जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव में रास्ता नहीं होने पर मानचित्र स्वीकृत नहीं किया जाएगा।
डीएम ने सभी एसडीएम को एक्ट का गंभीरता से अध्ययन करने और रोड साइड कंट्रोल एक्ट का भी कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश बैठक में दिए। उन्होंने राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजमार्ग के साथ लोनिवि आदि को सड़क से निर्माण कार्यों की दूरी के एक साथ अधिसूचना जारी करने को कहा। बैठक में एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा, निर्मला बिष्ट, आरसी गौतम, तहसीलदार नीलू चावला तथा राजस्व व प्राधिकरण के कर्मचारी मौजूद रहे।