चंपावत। जिला, राज्य केंद्र पोषित योजनाओं की समीक्षा बैठक में कई विभागों के अधिकारी बिना तैयारी के पहुंच गए। समीक्षा के दौरान कृषि विभाग के अधिकारी तो डीएम को संतोषजनक जवाब तक नहीं दे पाए हैं। डीएम डॉ. इकबाल अहमद ने अधूरी जानकारी के साथ जिला स्तरीय बैठक में आने वाले अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि अगली बैठकों में बिना तैयारी के बैठक में आने वाले अधिकारियों को बाहर कर दिया जाएगा।
डीएम सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जिला, राज्य, केंद्र पोषित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान डीएम ने बैठक में मौजूद विभागीय अधिकारी से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रगति के बारे में पूछा तो संबंधित अधिकारी संतोषजनक जबाब नहीं दे पाए। डीएम ने इस पर असंतोष जताते हुए कहा कि अगली बैठकों में सक्षम अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बैठक में डीएम ने विभिन्न विभागों की टेंडर प्रक्रिया में कम राशि का टेंडर होने पर अवशेष धनराशि की सूचना से अवगत न कराने को भी गंभीरता से लिया। विभागों को शेष धनराशि के संबंध में पूरी जानकारी से अवगत कराने के निर्देश दिए। केंद्र पोषित योजनाओं की समीक्षा करते हुए डीएम ने मनरेगा के कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश जिला विकास अधिकारी को दिये। उन्होंने सभी अधिकारियों को जिला मुख्यालय में न बैठकर क्षेत्र भ्रमण करने को कहा। बताया गया कि आम आदमी की जरूरी पत्रावलियों में की जा रही देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।
उन्होंने अर्थ एवं संख्याधिकारी को सभी अधिकारियों से मानकों के अनुसार कार्यों में धनराशि व्यय करने का प्रमाणपत्र भी लेने के निर्देश दिए। डीएम ने उरेडा, पर्यटन, सेवायोजन, मत्स्य, पंचायतीराज, प्राथमिक शिक्षा, चिकित्सा, वन विभागों द्वारा अभी तक जिला योजना में अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष काफी कम राशि व्यय करने पर नाराजगी जताई। साथ ही 15 दिसंबर तक अवमुक्त धनराशि का 75 प्रतिशत व्यय करने के निर्देश दिए। बैठक में पीडी एचजी भट्ट, डीडीओ आरसी तिवारी, सीएमओ डॉ.एमएस बोरा, सीवीओ डॉ.बीएस जंगपांगी, सीईओ आरसी पुरोहित सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।