लोहाघाट (चंपावत)।
पंचेश्वर बांध परियोजना में प्रभावित होने वाले ग्रामीणों की विकासखंड बाराकोट के रैघांव, सिंगदा बगोटी और विकास खंड लोहाघाट के बगोटी और विविल में ग्रामीणों की खुली बैठकें आयोजित की गई। इस दौरान ग्रामीणों को विभिन्न जानकारियां देने के साथ उनसे भूमि और वन पंचायत की अनापत्ति मांगी गई। सभी स्थानों पर ग्रामीणों द्वारा सशर्त अनापत्ति दी गई।
बाराकोट के रैघांव में ग्राम प्रधान दीपा देवी की अध्यक्षता और ग्राम पंचायत अधिकारी रविंद्र गोस्वामी के संचालन में हुई बैठक में पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले ग्रामीणों ने भूमि के बदले भूमि, मकान के बदले मकान देने, प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को योग्यतानुसार सरकारी नौकरी देने की मांग की। कहा कि प्रभावितों को एक साथ ऐसे स्थान में बसाएं जहां जहां सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, स्कूल आदि की पुख्ता व्यवस्था हो। बैठक में पर्यवेक्षक लघु सिंचाई के प्रशांत कुमार, मनोज मेहता, ग्राम पंचायत अधिकारी प्रवीण भट्ट, पटवारी ईश्वरी राम के अलावा सरपंच सुदर्शन सिंह, नारायण सिंह, संजय राम, राजेंद्र राम, देवकी देवी, खीमा देवी, भुवनी देवी आदि ने विचार रखे।
सिंगदा और बौतड़ी में ग्राम पंचायत अधिकारी अनिरुद्ध पुनेठा के संचालन में हुई बैठकों में ग्रामीणों ने अपनी मांगें रखी। लोहाघाट के बगोटी गांव में ग्राम प्रधान सुभाष राम की अध्यक्षता और ग्रापं अधिकारी उमेद राम के संचालन में हुई बैठक में ग्रामीणों ने सशर्त अनापत्ति दी। इस मौके पर पर्यवेक्षक बीडीओ केएस नयाल, गणेश लाल गरिया, देव सिंह, रूप सिंह, शीष राम, जय राम, हरीश पांडेय, प्रवीण पांडेय, बहादुर सिंह आदि लोग मौजूद थे। विविल गांव में ग्रापं अधिकारी विवेक वर्मा के संचालन में भी बैठक में ग्रामीणों ने अपनी मांगें रखी।