कोटकेंद्री, खर्राटाक गांवों को सुविधाओं से जोड़े
बमनजौल न्याय पंचायत क्षेत्र के ग्रामीणों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
ग्रामीणों ने दस वर्षों से बंजर खर्राटाक गांव को किया आबाद
अमर उजाला ब्यूरो
चंपावत। जिले के बमनजौल न्याय पंचायत क्षेत्र के पिछड़े गांवों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने की मांग जोर पकड़ते जा रही है। शुक्रवार को क्षेत्र के गंगसीर, उबराकोट, खिरद्वारी, कोटकेंद्री, खर्राटाक आदि गांवों को बिजली, सड़क, पानी, स्वास्थ्य आदि सेवाओं से जोडने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने दस साल से बंजर चले आ रहे खर्राटाक गांव को फिर से आबाद कर दिया है, लेकिन गांव में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से खर्राटाक को गैरआबाद गांव दर्शाया गया है, जिसे आबाद गांव दर्शाया जाए।
नेत्रबल्लभ तिवारी, भुवन चंद्र तिवारी, नरेश तिवारी की अगुवाई में डीएम से मिले ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में सुगरीगाढ़ पेयजल योजना पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग की ओर से सूखीढांग से पोथ सड़क को कोटकेंद्रीय, खर्राटाक तक जोडने की मांग भी उठाई। ज्ञापन देने वालों में विपिन तिवारी, भुवन चंद्र, पवन तिवारी, हीराबल्लभ, लालमणी तिवारी, रवि तिवारी, राजेंद्र तिवारी, उमेश तिवारी, रमेश तिवारी, विष्णुदत्त, कृष्णा तिवारी, पंकज तिवारी, दीपक तिवारी, भोला दत्त, प्रकाश चंद्र, अंबा दत्त आदि ग्रामीण शामिल रहे।
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जिम कार्बेट से जुड़े कई स्थल हैं उपेक्षित हाल में
चंपावत। कोटकेंद्रीय, खर्राटाक के ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में मशहूर अंग्रेज शिकारी जिम कार्बेट से जुड़े कई स्थल है, लेकिन क्षेत्र में सड़क सुविधा के अभाव के कारण यहां आने वाले पर्यटकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि प्रशासन की अनदेखी के कारण जिम कार्बेट से जुड़े स्थल वर्तमान में उपेक्षित हाल में हैं। ब्यूरो