चंपावत। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं के लिए राहतभरी खबर है। इन गल्ला विक्रेताओं का लंबे समय से लटका भाड़े के भुगतान के लिए राशि अवमुक्त हो गई है। अब बीते सात वर्षों की बकाया राशि उन्हें मिल जाएगी।
चंपावत जिले में 346 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के माध्यम से लोगों तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली का खाद्यान्न मिलता था। मगर इन सरकारी गल्ला विक्रेताओं को खाद्य गोदाम से अपनी-अपनी दुकानों तक राशन के ढुलान का धन लंबे समय तक नहीं मिला। कोटेदारों का कहना है कि 2011 से वे भाड़े की इस रकम को अपनी जेब से देते आए हैं। कई बार इस धनराशि को लेकर आंदोलन का सहारा भी लेना पड़ा। मगर अब उनकी इस समस्या का समाधान हो गया है। सरकार ने भाड़े की इस रकम के लिए धन अवमुक्त कर दिया है।
पूर्ति विभाग लगातार इस रकम के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों को पत्र भेजते रहा। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि शासन से भाड़े के रूप में 98 लाख रुपये मिल चुके हैं। इस धनराशि से गल्ला विक्रेताओं का 2011-12 से बकाया धनराशि का भुगतान कर दिया जाएगा। सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं से ढुलान के बिल विवरणों को पूर्ति विभाग के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय में जमा कराने को कहा गया है।