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गन्ने की तोल न होने से किसान परेशान

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बनबसा (चंपावत)।
पिछले चार दिनों से क्षेत्र में गन्ने की तौल न होने और सितारगंज चीनी मिल के बंद होने से गन्ना उत्पादक किसान परेशान हैं। गन्ना खेतों में खड़े होने से किसानों को गेहूं की फसल की बुआई में देरी हो रही है। किच्छा चीनी मिल 14 दिसंबर से बनबसा के किसानों का गन्ना खरीद रही है।

अमर उजाला ने इस संबंध में किसानों की बात प्रकाशित भी की थी। फलस्वरूप सरकार ने बनबसा, टनकपुर के गन्ना क्षेत्र किच्छा चीनी मिल को सौंप दिया। इस क्षेत्र में करीब 38 हजार क्विंटल गन्ना खरीद सर्वे की तुलना में करीब चार हजार क्विंटल ही गन्ने की खरीद हो चुकी है। किच्छा शुगर मिल के गन्ना तौल प्रभारी लालू कुमार ने बताया कि बनबसा से करीब चार हजार क्विंटल गन्ना खरीदा जा चुका है।
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उन्होंने बताया कि सामान्य गन्ने का रेट 305, उन्नत किस्म के गन्ने का मूल्य 315 रुपये है। बनबसा, टनकपुर मिलाकर क्षेत्र में 38 हजार क्विंटल खरीद का सर्वे किया गया है। क्षेत्र के किसान जगत सिंह मिताड़ी, कैप्टन वीरेंद्र रजवार, उस्मान, कैप्टन हरीश कापड़ी, यशोवर्धन सिंह रौतेला, टनकपुर के प्रमुख गन्ना उत्पादक जगत सिंह रावत आदि ने बताया कि गन्ना खरीद में देरी होने से किसानों को गेहूं की फसल की बुआई में देरी हो रही है। कई छोटे किसानों ने विवशता में गुड़ बनाने वाले कोल्हू में सस्ता गन्ना बेचा है।
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