बनबसा (चंपावत)।
असम राइफल्स में तैनात सूबेदार हरगोविंद भट्ट (48) का रविवार को बनबसा स्थित शारदा घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। इलाज के दौरान उन्होंने बीते दिवस दिल्ली में अंतिम सांस ली। मृतक के बड़े भाई तारादत्त भट्ट ने चिता को मुखाग्नि दी।
असम में तैनात असम राइफल्स सिग्नल कोर के सूबेदार हरगोविंद भट्ट करीब सात-आठ माह से कैंसर से पीड़ित थे। उनका दिल्ली के आरआर अस्पताल में इलाज चल रहा था। बीते दिवस उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली। मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले के मोडी गांव निवासी हरगोविंद भट्ट वर्तमान में ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा स्थित गोसीकुआं गांव में रहते थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही परिवार के साथ ही खटीमा में भी शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को उनका सैन्य सम्मान के साथ बनबसा स्थित शारदा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। बनबसा स्थित सैनिक छावनी में तैनात 23 मराठा लाइट इन्फैंट्री यूनिट के जवानों ने सूबेदार को अंतिम विदाई दी। उनके परिवार में पत्नी रेखा, पुत्र निशांक और पुत्री अंजलि हैं। इस दौरान खटीमा विधायक पुष्कर धामी, पूर्व सैनिक कल्याण समिति अध्यक्ष केएस खनका, एसआई गिरीश चंद्र भट्ट, शारदा बैराज चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह खड़ायत, सिपाही दिनेश जोशी आदि मौजूद थे।