टनकपुर (चंपावत)।
शारदा खनन क्षेत्र की आड़ में सीमांकन क्षेत्र के बाहर भी धड़ल्ले से वाहनों से अवैध खनन किया जा रहा हैं। ताजा मामला खेतखेड़ा गांव का सामने आ रहा है। यहां के ग्रामीण गांव की ओर खनन होने से भड़क गए हैं और बीते दो दिनों में कई वाहनों को चुगान करने से रोक चुके हैं, बावजूद इसके वाहनों के चुगान से ग्रामीणों में रोष है।
वर्ष 2013 में शारदा नदी में आए जल प्रलय में टनकपुर में काफी कृषि भूमि आपदा की भेंट चढ़ी थी, लेकिन प्रशासन इससे अब तक सबक नहीं ले रहा है। वर्तमान में शारदा खनन में सैकड़ों वाहन उप खनिज के चुगान में लगे हैं, लेकिन प्रशासन और वन निगम की ओर से खनन क्षेत्र में सीमांकन के बाहर खनन पर अंकुश नहीं लगाया जा रहा है। इससे जहां अवैध खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं, वहीं खनन क्षेत्र से सटे गांवों में बरसात में कटाव की आशंका से ग्रामीण भयभीत हैं। खेतलखेड़ा गांव भी शारदा अप स्ट्रीम से सटा है। गांव के ग्रामीण पुष्कर सिंह, दीपक सिंह आदि ने बताया कि खनन शुरू होते ही खनन में लगे वाहन बेलगाम हो गए हैं।
सीमांकन के पीलर से गांव की ओर से भी खनन हो रहा है। ग्रामीण रोज सुबह होते ही उनको रोकने के लिए आते हैं, दो दिनों में कुछ वाहनों को पकड़कर पत्थर उतारे, लेकिन खनन में लगे लोग उन सीमांकन की धज्जियां उड़ाकर गांव को खतरे में डाल रहे हैं। बताया कि खनन शुरू होने से अब तक प्रशासन की कोई टीम खनन क्षेत्र का जायजा लेते नजर नहीं आई। उन्होंने बताया कि नदी अब गांव की ओर कटान कर रही है। गांव की ओर चुगान होने से बरसात में गांव के अस्तित्व पर संकट है। गांव में करीब 25-26 परिवार हैं। पिछले वर्ष ही दो बीघा भूमि को नदी लील चुकी है।
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वन निगम की ओर से गश्त जारी है। अवैध खनन रोकने के लिए वन विभाग से चोर रास्तों पर गड्ढे खोदने के लिए पत्र लिखा गया है। खेतखेड़ा में सीमांकन के बाहर खनन पर कड़ी निगाह रखी जाएगी। सीमांकित क्षेत्र से बाहर खनन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -हरीश पाल, खनन प्रभारी, वन निगम, टनकपुर।