उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि धाम के मेले का 15 जून को समापन हो जाएगा। इसी के साथ धाम क्षेत्र से सभी सरकारी सुविधाएं हट जाएंगी। मेले के अंतिम दिनों में भी दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही का क्रम बना है। अवकाश के कारण रविवार को करीब बीस हजार से ज्यादा श्रद्धालु देवी के दर्शन को पहुंचे। इधर, मेला प्रशासन श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की स्थिति में मेला अवधि बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है।
होली के अगले दिन से शुरू होने वाले मेले की अवधि 94 दिन तय है। इस बार 14 मार्च से शुरू हुआ मेला चार दिन बाद यानि 15 जून को समाप्त हो जाएगा। मेला समाप्त होने के बाद धाम क्षेत्र से पथ प्रकाश, सुरक्षा, चिकित्सा, खोया-पाया केंद्र आदि सभी सरकारी सुविधाएं हट जाएंगी। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम अनिल चन्याल का कहना है कि इन दिनों काफी कम संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। मेला अवधि तक श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं बढ़ी तो तय समय पर ही मेला संपन्न करा दिया जाएगा, लेकिन यदि श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ी तो मेले की अवधि बढ़ाई जा सकती है। इधर, श्रद्धालुओं की आवाजाही कम नहीं हुई है। रविवार को दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रही।
मंदिर समिति मुहैया कराएगी श्रद्धालुओं को सुविधाएं
मेला समाप्त होने के बाद मां पूर्णागिरि मंदिर समिति दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं को अपने स्तर से सुविधाएं मुहैया कराएगी। समिति के अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि मेला समाप्त होने पर सरकारी सुविधाएं हट जाएंगी। इसके बाद आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो इसके लिए मंदिर समिति ने अपने स्तर पर काली मंदिर से मुख्य मंदिर तक पथ प्रकाश, सुरक्षा, पानी आदि व्यवस्थाएं मुहैया कराने का निर्णय लिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मदद के लिए समिति के स्वयंसेवक तैनात रहेंगे।