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हाईकोर्ट पहुंचा पुजारियों और वन विभाग का विवाद

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टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम और वन विभाग के बीच पुजारियों की नाप भूमि का लेकर चला आ रहा विवाद अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष कृष्णानंद तिवारी ने हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर याचिका दाखिल की है।
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कोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए राजस्व और वन विभाग से तीन सप्ताह के अंदर अपना पक्ष दाखिल करने को कहा है।
पूर्णागिरि धाम में सेलागाड़ से काली मंदिर तक के क्षेत्र में वर्षों से काबिज पुजारियों की नाप भूमि के चकों को लेकर वन विभाग और पुजारियों के बीच विवाद है। वन विभाग का कहना है कि इस क्षेत्र में पुजारियों की नाप भूमि के चकों की संख्या 17 है। पुजारियों ने सूचना के अधिकार अधिनियम का सहारा लिया। आरटीआई के तहत राजस्व विभाग ने इन्हें जानकारी दी कि यहां पुजारियों के 27 चक हैं।

अब यह मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। मां पूर्णागिरि धाम मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष कृष्णानंद तिवारी ने मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दर्ज की है। न्यायाधीश सुधांशु धूलिया की एकलपीठ ने प्रदेश सरकार के साथ ही चंपावत के जिलाधिकारी और प्रभागीय वन अधिकारी को तीन सप्ताह के अंदर प्रतिशपथ पत्र दाखिल करने को कहा है।
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याचिका में मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष कृष्णानंद तिवारी ने कहा है कि पूर्णागिरि धाम क्षेत्र के भैरव मंदिर, कटौजिया, सेलागाड़, कुशलियाखेड़ा, जमरानी, हरिओम, टुन्यास, सिद्धमोड़, काली दुर्गा आदि तोकों में पुजारियों के 27 नाप चक हैं।
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