चंपावत। मंडलायुक्त राजीव रौतेला ने मानसून के दौरान सड़कों में खतरे वाले स्थानों को चिह्नित करते हुए उनमें साइनबोर्ड के माध्यम से मोबाइल, बेसफोन नंबर और अन्य जरूरी सूचनाओं को दर्शाने के निर्देश दिए हैं।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मंडल के जिलाधिकारियों से उन्होंने कहा कि सड़क मार्ग पर खतरे वाले स्थानों को चिह्नित कर मार्ग खुला रखने और वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के लिए माइक्रो प्लान बनाएं। उन्होंने सड़क पर अधिक मलबा आने तथा सड़क के लंबे समय बाद खुलने की संभावना होने पर मोबाइल शौचालयों की व्यवस्था करने को कहा।
उन्होंने तराई क्षेत्र में जल पुलिस के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद का प्रस्ताव शासन को भेजने, जहां सड़क कटिंग पूर्ण हो गई हो क्रश बैरियर लगाने को कहा। उन्होंने खराब पड़े वायरलेस सेटों को ठीक कराने, मानसून काल में बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि किसी प्रकार की आम जनता को असुविधा न हो इसके लिए पूरी तैयारी करने को कहा। डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने मंडलायुक्त को बताया कि मानसून काल में आपदा से निपटने की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
मुख्यालय सहित तहसीलों में आपदा कंट्रोल रूम स्थापित करने के साथ दो माह के खाद्यान्न वितरण की कार्यवाही गतिमान है। विभिन्न खतरे वाले स्थानों पर साइनबोर्ड स्थापित किए गए हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग में एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, प्रभारी अधिकारी अनिल गर्ब्याल, एसडीएम सीमा विश्वकर्मा, निर्मला बिष्ट, अनिल चन्याल, आरसी गौतम, डीएफओ केएस बिष्ट, सीओ आरएस रौतेला, सीएमओ डॉ.एमएस बोरा, आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय आदि विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
वन विभाग की योजनाओं की समीक्षा करेंगे मुख्यमंत्री
चंपावत। मानसून सत्र को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत 12 जून को जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग करेंगे। डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से वन विभाग की आगामी मानसून से विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों के तहत पौधरोपण की प्रस्तावित कार्ययोजना तथा वन विभाग के माध्यम से कराए जा रहे जल संचय, जल संरक्षण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की करेंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को संपूर्ण सूचनाओं सहित वीडियो कांफ्रेंसिंग में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। ब्यूरो