लोहाघाट (चंपावत)। नजूल भूमि को फ्रीहोल्ड करने के उत्तराखंड कैबिनेट के फैसले से यहां नजूल जमीन स्वामियों को लाभ होगा। इस फैसले के लागू होने से लोगों को भूमि का मालिकाना हक तो मिलेगा, मगर उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ भी पड़ेगा। क्षेत्र के 1499 लोगों ने वर्षों पूर्व 3320 नाली नजूल जमीन को फ्री होल्ड करने के लिए वर्ष 2000 के सर्किल रेटों के हिसाब से 3.75 करोड़ रुपये जमा कराए थे, लेकिन अब इन लोगों को बढ़े हुए मौजूदा सर्किल रेट के आधार पर बकाया धन भी जमा कराना होगा।
अतिरिक्त धन के अलावा कैबिनेट का एक और प्रावधान कतिपय नजूल भूमिधारियों के लिए मायूस करने वाला है।
इस निर्णय के मुताबिक 300 वर्ग मीटर से अधिक भूमि को फ्रीहोल्ड नहीं करने की बात कही गई है। लोहाघाट में 1499 नजूल धारियों में से करीब 13 प्रतिशत 300 वर्ग मीटर से अधिक भूमि वाली श्रेणी में आते हैं। नए सर्किल रेट के आधार पर भूमि को फ्रीहोल्ड करने की कार्रवाई होने से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को काफी नुकसान होगा।
नगर क्षेत्र की नजूल भूमि को फ्रीहोल्ड करने के लिए शासन के आदेश के बाद 2012 में पत्रावलियां जमा हुई थीं। 2013 में भूमि को फ्रीहोल्ड कराने के लिए राजस्व निरीक्षक के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम गठित की गई थी, जिसने इस काम को अंजाम दिया था। खसरा जमा करने के लिए अभी नक्शा बनाने का काम शेष है। सूत्रों के अनुसार सार्की टोला वार्ड, भेड़खान मोहल्ले, ठाड़ाढुंगा आदि स्थानों में मकान आदि बना लिए गए हैं, लेकिन उनके द्वारा फाइलें अभी तक जमा नहीं की गई।
कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों को लेकर शासन स्तर से कोई पत्र अभी उनके पास नहीं पहुंचा है। जैसे ही पत्र उन्हें मिलेगा, उसी के अनुरूप अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
आरसी गौतम, उप जिलाधिकारी, लोहाघाट।