तीन महीने में वसूलना है तीन-चौथाई राजस्व
जिले में न लोगों को पर्याप्त पानी मिल रहा है, न ही विभाग को राजस्व
नौ महीनों में 427.70 लाख के सापेक्ष मात्र 116.32 लाख ही वसूल पाया जल संस्थान
अमर उजाला ब्यूरो
चंपावत। जिले में न तो नागरिकों को पर्याप्त पेयजल मिल पा रहा है और नहीं जल संस्थान लोगों से जल मूल्य वसूल पा रहा है। जिले में एक ओर लोगों को जाड़ों में भी जरूरत के सापेक्ष तकरीबन 55 प्रतिशत पानी ही मिल पा रहा है, दूसरी तरफ जल संस्थान को बिलों की वसूली के लिए भी पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। मौजूदा वित्त वर्ष में अब तक महज एक-चौथाई रकम ही वसूली जा सकी है।
जल संस्थान के चंपावत खंड के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार का कहना है कि विभाग का 2017-18 के वित्त वर्ष में कुल 427.75 लाख रुपये वसूली का लक्ष्य है। इसमें विभिन्न सरकारी विभागों में बकाया 68.62 लाख रुपये भी शामिल हैं। लेकिन वित्त वर्ष के अब तक के नौ महीनों में मात्र 116.32 लाख रुपये (27.19 प्रतिशत) ही प्राप्त हो सके हैं। वित्त वर्ष के बचे तीन महीनों में 73 प्रतिशत राशि वसूलनी है। वैसे पिछले वित्त वर्ष में 351.93 लाख रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष वसूली 284.70 लाख (80.89 प्रतिशत) की हुई।
बाक्स
विभाग दे रहा विलंब शुल्क में छूट का प्रस्ताव
बेहद कम वसूली के चलते उत्तराखंड जल संस्थान ने उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से जल मूल्य व सीवर शुल्क के अवशेष देयकों के एकमुश्त भुगतान पर विलंब शुल्क में छूट दी है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार का कहना है कि 31 जनवरी तक एकमुश्त भुगतान पर विलंब शुल्क 100 प्रतिशत माफ होगा। इसी तरह 15 फरवरी तक भुगतान करने वाले को 75 प्रतिशत, 28 फरवरी तक भुगतान करने पर 60 प्रतिशत और 15 मार्च तक एकमुश्त भुगतान की सूरत पर विलंब शुल्क पर 50 प्रतिशत कटौती दी जाएगी। चंपावत जिले में करीब 700 उपभोक्ताओं ने बकाया रकम देनी है।
बाक्स
कड़ाके की ठंड में भी जल संकट से जूझ रहे हैं लोग
चंपावत। जनवरी में कड़ाके की सर्द के बावजूद लोग जरूरत भर के पानी के लिए पसीना-पसीना हो रहे हैं। लोहाघाट क्षेत्र में तो अभी भी हर रोज पानी नहीं मिल पा रहा है। यहां एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति हो रही है। वहीं चंपावत में हर रोज पानी मिल तो रहा है, लेकिन महज 45 मिनट से एक घंटे तक ही पानी आ रहा है। चंपावत जिले के चार नगरीय क्षेत्र चंपावत, लोहाघाट, टनकपुर व बनबसा में रोज 66.60 लाख लीटर पानी जरूरत है। लेकिन यहां लोगों को मात्र 36.60 लाख लीटर ही पानी मिल पा रहा है।
जिले में पानी की उपलब्धता
शहर मांग उपलब्धता (एमएलडी)
चंपावत 1.10 0.56
लोहाघाट 1.62 0.81
टनकपुर 3.00 1.70
बनबसा 0.94 0.59
कुल 6.66 3.66