चंपावत। क्वैराला घाटी में रक्षा बंधन नए अंदाज में मनाया जाता है। बीते दो वर्षों से यहां क्वैराला घाटी में इस दिन नशा मुक्ति को लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। राखी बांधने के बाद नशा न करने की लोगों को शपथ दिलाई जाती है। राखी में आमतौर पर नगदी देने का रिवाज है। अब भी इसमें बदलाव नहीं हुआ है। वहीं भाई विहीन बहनें अपने निकट के रिश्ते के भाइयों को राखी बांधती है।
रक्षाबंधन का पर्व सामवेदी तिवारी समाज 7 अगस्त को नहीं मनाएगा। यहां के लोगों की कलाई में सोमवार को राखी नहीं बंधेंगी। यहां के लोग 24 अगस्त को हरताली तीज को राखी का पर्व मनाएंगे। नगर पालिकाध्यक्ष प्रकाश तिवारी सहित सामवेदी गौतम गोत्र के तिवारी समाज के लोग 7 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व नहीं मनाएंगे। इसकी वजह इस शाखा के लोगों का साम वेदों का अनुयायी होना है। इस समुदाय के बुजुर्ग पंडित हरिदत्त तिवारी का कहना है कि यज्ञोपवीत बदलने को हरताली तृतीया का दिन शुभ माना जाता है। इस कारण उनकी राखी मनाने का वक्त अलग होता है। आषाढ़ की पूर्णिमा के बजाय अगले शुभ दिन हरताली तृतीया भाद्रपद शुक्ल पक्ष को इस पर्व को मनाते हैं।