टनकपुर (चंपावत)।
मां पूर्णागिरि धाम मेें फिर सिद्धमोड़ समेत अन्य स्थानों पर पहाड़ियों के दरकने से मार्ग बंद हो गया है। वहीं संवेदनशील क्षेत्रों पर स्थित कई दुकानें खतरे की जद में आ गई है। प्रशासन की हिदायत के बाद मंदिर समिति ने ऐसी दुकानों को बंद कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
बरसात के मौसम में पूर्णागिरि धाम की पहाड़ियों में होने वाले भूस्खलन से खतरा खासा बढ़ जाता है।
मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के बाद प्रशासन ने धाम के संवेदनशील क्षेत्रों से दुकानों को हटाने की हिदायत दी है, लेकिन खतरे की जद में आने के बाद भी कई दुकानदार दुकानों में डटे हैं। सिद्धमोड़ के पास के पास दरकी पहाड़ी के मलबे से बंद हुआ मुख्य मंदिर का पैदल मार्ग लोनिवि ने शनिवार को पैदल चलने लायक खोल दिया था, लेकिन रात में दरकी पहाड़ी के मलबे से फिर पैदल रास्ता बंद हो गया है। मंदिर समिति अध्यक्ष पंडित भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि ठुलीगाड़ से मुख्य मंदिर तक 11 किमी के दायरे में कई जगहों पर पहाड़ी से भूस्खलन का खतरा बना है।
सिद्धमोड़ के पास दरक रही पहाड़ी की जद में आने से एक भारी-भरकम पेड़ के कभी भी दुकानों के ऊपर गिरने का खतरा बना है। उन्होंने बताया कि फिलहाल खतरे की जद में आई पांच दुकानों को बंद करा दिया गया है। शेष दुकानों को भी बंद करने के लिए कहा गया है।