चंपावत। रिश्वत मांगने के आरोपी चौड़ापित्ता के राजस्व उप निरीक्षक को जांच अधिकारी लोहाघाट के उप जिलाधिकारी आरसी गौतम ने एक सप्ताह के भीतर तलब किया है। साथ ही शिकायतकर्त्ता को भी पेश होने के आदेश दिए गए हैं। वहीं शिकायतकर्त्ता का क्षेत्र बालातड़ी में आने के चलते बालातड़ी की राजस्व निरीक्षक ललिता जोशी को भी बुलाया गया है। इसके बाद आरोप पत्र तय किए जाएंगे।
पाटी विकासखंड के खरहीं गांव निवासी अमर सिंह पुत्र शिवराज ने 12 जून को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेज कहा था कि मकान बनाने के लिए उसने देवदार के दो सूखे पेड़ काटने की अनुमति के लिए आवेदन किया था। जरूरत पड़ने पर अनुमति पत्र आने से पहले उसने एक पेड़ काट लिया। आरोप है कि इस पर राजस्व उप निरीक्षक दिनेश चंद्र पांडेय ने जेल भेजने की धमकी देते हुए पेड़ काटने के एवज में 10 हजार रुपये देने की मांग की। जबकि पेड़ कटान की सभी जरूरी कार्रवाई को पूरा कर चुका था। शिकायतकर्ता के मना करने पर उप निरीक्षक द्वारा फोन पर धमकाने व अभद्रता का आरोप लगाया।
डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने राजस्व उप निरीक्षक दिनेश चंद्र पांडेय के इस आचरण को कर्मचारी नियमावली का उल्लंघन मानते हुए 13 जून को निलंबित करते हुए जांच के आदेश दिए थे। निलंबित उप निरीक्षक को चंपावत तहसील संबद्ध किया गया है। जांच अधिकारी का कहना है कि जिस पटवारी द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी, खरहीं का वह क्षेत्र उसके अधिकार क्षेत्र चौड़ापित्ता में नहीं आता है। खरहीं गांव बालातड़ी राजस्व उप निरीक्षक के अंतर्गत आता है। इसके चलते बालातड़ी के उप निरीक्षक को भी एक सप्ताह के भीतर तलब किया गया है।