टनकपुर (चंपावत)। असम राइफल्स के एक पूर्व सैनिक की चलती ट्रेन से गिरकर मौत हो गई। बताया गया कि उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। पूर्व सैनिक ने मंगलवार सुबह ही बेटी की बारात को विदा किया था।
शहर से लगे नायकगोठ गांव निवासी पूर्व सैनिक खड़क सिंह (72) की बेटी संतोषी की सोमवार रात बारात आई। सुबह बेटी की बारात को विदा करने के बाद खड़क सिंह सुबह नौ बजे घर से लापता हो गए। परिजनों ने उन्हें काफी तलाशा, लेकिन वह नहीं मिले। इसी बीच दोपहर करीब दो बजे एक व्यक्ति विचई गांव के पास टनकपुर से पीलीभीत जा रही चलती ट्रेन से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। वहां मौजूद लोगों ने उसे संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया। लापता खड़क सिंह के परिजनों को भी जब किसी व्यक्ति के ट्रेन से गिरकर घायल होने की सूचना मिली तो वह अस्पताल पहुंचे। उन्होंने खड़क सिंह को पहचान लिया।
खड़क सिंह की हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन खड़क सिंह को हायर सेंटर ले जा रहे थे कि उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बताया गया कि खड़क सिंह की दिमागी हालत ठीक नहीं थी। कोतवाल अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि रेलवे की सूचना पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
दो घरों में खुशी का माहौल गम में बदला
टनकपुर। चलती ट्रेन से गिरकर असम राइफल्स के पूर्व सैनिक खड़क सिंह की मौत से दो घरों की खुशियां मातम में बदल गई। सोमवार को खड़क सिंह की मझली बेटी संतोषी की शादी थी। हल्द्वानी से बारात पहुंची तो धूमधाम से दूल्हे और बारातियों का स्वागत हुआ। मंगलवार सुबह बेटी संतोषी की विदाई हुई।
इधर, बेटी की खुशी के साथ विदाई तो दूल्हे के घर में बारात पहुंचने का इंतजार हो रहा था, लेकिन बेटी की बारात को विदा करने के कुछ ही देर बाद खड़क सिंह घर से लापता हो गए। बताया गया कि बेटी ने अपनी ससुराल में कदम रखे ही थे कि खड़क सिंह के चलती ट्रेन से गिरकर घायल होने एवं बाद में मौत की खबर आ गई। खड़क सिंह के दो पुत्र एवं तीन पुत्रियां है। पुत्रों एवं बड़ी पुत्री की शादी के बाद सोमवार को मझली पुत्री संतोषी की शादी हुई है, जबकि छोटी पुत्री पुलिस विभाग में कार्यरत है।