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ककरालीगेट बैरियर ने पैदा की नई मुसीबत

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चंपावत। सात फरवरी को हुए स्वांला जीप हादसे के बाद से टनकपुर से आठ किमी दूर स्थित बस्टिया गांव के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। टनकपुर के पास ककरालीगेट का बैरियर रात सात बजे बंद होने से बस्टिया के लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
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दुर्घटनाओं से बचाव के मकसद से पर्वतीय क्षेत्रों में रात सात बजे से सुबह पांच बजे तक आवाजाही प्रतिबंधित की गई है। पहाड़ के साथ ही ककरालीगेट बैरियर से महज छह किमी दूर बस्टिया गांव के लोगों को भी प्रतिबंधित वक्त में आवाजाही नहीं करने दी जा रही है।

इसे लेकर ग्रामीण पिछले सप्ताह टनकपुर के एसडीएम को ज्ञापन भी दे चुके हैं। सोमवार को ग्राम प्रधान नवीन बोहरा काम के चलते बैरियर पर 7:45 बजे पहुंचे, लेकिन मिन्नत करने के बावजूद नियम का हवाला देकर उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया गया। मजबूर होकर उन्हें टनकपुर के होटल में रात बितानी पड़ी। उन्होंने कहा कि इस समस्या को दूर करने के लिए वह डीएम से गुहार लगाएंगे।
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हादसों पर रोक के मद्देनजर पर्वतीय मार्गों पर निर्धारित समय पर आवाजाही प्रतिबंधित है। इस नियम में उनके स्तर से संशोधन मुमकिन नहीं है। बस्टिया के लोग इसके लिए डीएम कार्यालय से परमिट के लिए आवेदन कर सकते हैं। कलक्ट्रेट से परमिट मिलने पर ही उन्हें प्रतिबंधित समय के अलावा आवाजाही की छूट मिल सकती है।
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अनिल चन्याल, उप जिला मजिस्ट्रेट, टनकपुर।
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