चंपावत। नरियालगांव पशु प्रजनन एवं अनुसंधान केंद्र के विस्तारीकरण और उच्चीकरण के लिए पशुपालन विभाग को 32 लाख रुपये की धनराशि मिल गई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.पीएस जंगपांगी ने बताया कि विभाग इस रकम से नरियालगांव पशु प्रजनन अनुसंधान केंद्र में 150 बद्री गाय (परंपरागत नस्ल की पहाड़ी गाय) और चार सांड़ खरीदेगा। साथ ही 18 फरवरी को पेश राज्य के बजट में बद्री गायों के दूध के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नरियालगांव में एलवी हर्ल्ड सेंटर खोलने का प्रस्ताव रखा गया है।
वर्तमान में प्रजनन केंद्र में 56 दुधारू गायों सहित कुल 103 गायें हैं। बद्री गायों के दूध की मांग जिले में लगातार बढ़ रही है। केंद्र के निदेशक डॉ.एचसी जोशी ने बताया कि बद्री गायों के दूध में ए-2 प्रोटीन के अलावा बीटासीन, कैसीन की 90 प्रतिशत मात्रा होने से यह दूध रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ ही मधुमेह और दिल के रोगियों के लिए फायदेमंद है। जिले की 194 दुग्ध समितियों में फिलहाल अनुसंधान केंद्र ने 1200 बद्री गायों को चिह्नित किया गया है। यह दूध सामान्य दूध से 6 रुपये अधिक (40 रुपये) लीटर में बिक रहा है।
अब तक 75 फीसदी पशु गणना पूरी हुई
पशुपालन विभाग ने चंपावत जिले में पशुओं की गणना 75 फीसदी पूरी कर ली है। 28 नवंबर से शुरू हुई पशुओं की गणना अब तक 41 हजार पशुओं की गणना कर चुका है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.पीएस जंगपांगी ने बताया कि पशु गणना करने में चंपावत जिला कुमाऊं में पहला स्थान पर है।