चंपावत/लोहाघाट। जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा शुरू हो गया है। सीडीओ एसएस बिष्ट ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण में महिलाओं की भागीदारी को नकारा नहीं जा सकता, लेकिन पुरुषों की शत-प्रतिशत भागीदारी देंगे, तो आबादी नियंत्रण में देश अग्रिम पंक्ति में आ सकता है। परिवार नियोजन के लिए पुरुषों की मानसिकता में व्यापक बदलाव लाने की जरूर है।
सीएमओ डॉ.आरपी खंडूरी ने कहा कि परिवार नियोजन कार्यक्रम में पुरुषों का हिस्सा दो प्रतिशत से भी कम है। इस वजह से सरकार के ोतमाम प्रयास कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। कहा कि पिछले साल 554 नसबंदी में से केवल 9 पुरुषों ने ही नसबंदी कराई है। सीएमएस डॉ. आरके जोशी ने कहा कि बढ़ती हुई जनसंख्या विकास की राह में रोड़ा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ.निर्मल बसेड़ा, डॉ. जीबी बिष्ट, डॉ. उदय शंकर ने भी विचार रखे।
लोहाघाट सीएचसी में सीएमएस डॉ.मंजीत सिंह की अध्यक्षता और फार्मेसिस्ट मुकुल राय के संचालन में हुई गोष्ठी में बीईओ हरेंद्र साह ने विकास के लिए आबादी पर नियंत्रण को जरूरी बताया। 19 जुलाई को लोहाघाट सीएचसी में नसबंदी शिविर होगा।