लोहाघाट (चंपावत)। डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन ने स्वास्थ्य उप केंद्रों के फार्मेसिस्टों को सभी अस्पतालों में स्थानांतरण का अधिकार देने की मांग की है। इस वक्त उप केंद्रों के फार्मेसिस्टों का तबादला सिर्फ किसी अन्य उप केंद्र में ही हो सकता है। संगठन के प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ.सतीश चंद्र पांडेय ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र लिख उप केंद्रों के फार्मेसिस्टों के साथ स्थानांतरण मसले पर किए जा रहे भेदभाव को दूर करने की मांग की है।
कहा कि 2006 में सरकार ने राज्य के अस्पतालों और उप केंद्रों में एक ही सेवा नियमावली के आधार पर फार्मेसिस्टों की नियुक्तियां की थी। चयनित फार्मेसिस्टों से नियुक्ति पूर्व अस्पताल या उप केंद्रों में तैनाती का विकल्प भी नहीं मांगा गया। बिना किसी मानक के कुछ की उप केंद्र और शेष की अस्पताल में नियुक्ति की। उप केंद्र भेजे गए फार्मेसिस्टों के लिए एक और शर्त लाद दी। जिसके तहत उप केंद्रों में तैनाती के बाद उनका स्थानांतरण परिवार कल्याण उप केंद्रों में ही हो सकेगा।
एसोसिएशन ने कहा कि विगत वर्ष हाइकोर्ट ने भी उप केंद्रों में तैनात फार्मेसिस्टों के स्थानांतरण के प्रावधान को खारिज कर दिया था। लेकिन सरकार डबल बेंच पर अपील को अड़ी हुई है। डॉ.पांडेय ने कहा कि उप केंद्रों में तैनात फार्मेसिस्ट स्वास्थ्य विभाग के फार्मेसिस्ट कैडर के है। दुर्गम व अति दुर्गम क्षेत्रों के स्वास्थ्य उप केंद्रों में काम करते हुए उन्हें 11 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। ज्ञापन में इस भेदभाव को दूर करने का आग्रह किया गया है।