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टनकपुर-जौलजीवी सड़क निर्माण में सुस्ताई पर विभाग गंभीर-कोर्डिनेशन

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टनकपुर-जौलजीबी सड़क निर्माण में सुस्ती पर विभाग सख्त
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पीआईयू ने ठेकेदार कंपनी को टर्मिनेट कर मांगा जवाब
दो बार कार्य अवधि बढ़ाने के बाद भी पूरा नहीं हुआ निर्माण
विभाग ने कहा नोटिस दिया है, लेकिन जारी है सड़क का निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
टनकपुर (चंपावत)। नेपाल सीमा पर बन रही सामरिक महत्व की टनकपुर-जौलजीबी सड़क के निर्माण की सुस्त गति पर कार्यदायी विभाग परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) ने सख्त रुख अख्तियार किया है। दो बार कार्य अवधि बढ़ाए जाने के बावजूद निर्माण पूरा नहीं करने पर विभाग ने ठेकेदार कंपनी आरजीबी विल्डवेल को टर्मिनेटशन नोटिस थमाते हुए जवाब मांगा है। हालांकि, सड़क निर्माण का कार्य जारी है।
टनकपुर-जौलजीबी सड़क की मंजूरी के बाद सरकार ने अलग विभाग पीआईयू (परियोजना क्रियान्वयन इकाई) गठित कर युद्ध स्तर पर निर्माण कार्य शुरू कराया। वर्ष 2016 के अंत में तेजी के साथ सड़क का निर्माण शुरू हुआ। पूर्णागिरि धाम के प्रवेश द्वार ठुलीगाड़ से चूका तक 17.8 किमी. हिस्से का निर्माण 67 करोड़ रुपये की लागत से आरजीबी विल्डवेल कंपनी कर रही है। अनुबंध की शर्त के मुताबिक सड़क के इस हिस्से का निर्माण ठेकेदार कंपनी को 29 जून 2018 को पूरा करना था, लेकिन कंपनी ने और समय मांगा तो विभाग ने 29 दिसंबर 2018 तक की अवधि बढ़ा दी, लेकिन इसके बाद भी कंपनी काम पूरा नहीं कर सकी। कंपनी के अनुरोध पर विभाग ने एक बार फिर 29 जून 2019 तक का समय बढ़ाया लेकिन फिर भी कंपनी काम पूरा नहीं कर पाई है।
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विभागीय सूत्रों के मुताबिक अब विभाग ने ठेकेदार कंपनी को टर्मिनेशन नोटिस थमाते हुए जवाब मांगा है। विभाग ने कहा है कि क्यों न उसे सड़क निर्माण के इस कार्य से टर्मिनेट कर दिया जाए। बहरहाल सड़क का निर्माण कार्य जारी है।
फोटो 03 टीएनपी 03 व 04 पी।

नोटिस का जवाब मिलने के बाद होगी अगली कार्रवाई
पीआईयू टनकपुर के ईई आरके पुनेठा का कहना है कि समय पर काम पूरा नहीं किए जाने पर अधीक्षण अभियंता की ओर से कंपनी को टर्मिनेटशन नोटिस देकर जवाब मांगा गया है, लेकिन सड़क निर्माण का कार्य जारी है। कंपनी का जवाब मिलने के बाद ही विभाग अगली कार्रवाई करेगा।
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निर्माण में देरी के लिए विभाग जिम्मेदारी : आरजीबी
आरजीबी विल्डवेल कंपनी के निदेशक मनोज चौहान का कहना है कि निर्माण कार्य में विलंब के लिए कंपनी जिम्मेदार नहीं है। देरी विभाग की तरफ से हुई है। निर्माणाधीन 17.8 किमी. हिस्से में तीन पुल बनने हैं, जिनका डिजाइन देने में विभाग ने देरी की है। तीन में से एक पुल का डिजाइन पहले दिया गया था, जिसका निर्माण प्रगति पर है। दूसरे पुल का डिजाइन एक पखवाड़ा पहले 15 मई को दिया गया है, जबकि तीसरे पुल का अब तक डिजाइन ही नहीं दिया है। चूका के पास किमी. 29 से किमी. 29.775 के बीच अभी विभाग ने पेड़ों का कटान भी नहीं कराया है, जो निर्माण में बाधक बने हुए हैं। ऐसे में विभाग के पास कंपनी को टर्मिनेट करने का कोई आधार नहीं है।
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