टनकपुर (चंपावत)। स्टोन क्र शर की बेल्ट की चपेट में आकर हुई 25 वर्षीय श्रमिक अरविंद उराव की मौत की घटना की जांच में श्रम विभाग ने श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर क्र शर संचालक को क्लीनचीट दी है। इधर क्र शर स्वामी ने मृतक श्रमिक के परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक मदद दी है।
झारखंड के लातेदार जिले के पुक्चु करमाही गांव का निवासी श्रमिक अरविंद उराव (25) पुत्र स्व. मंत्री उराव की मंगलवार को सुबह करीब नौ बजे शारदा स्टोन क्र शर के पट्टे की ड्रम पुली में फंसे पत्थरों को निकालते समय पट्टे की चपेट में आने से मौत हो गई थी। पुलिस और क्र शर संचालक ने मंगलवार को ही पोस्टमार्टम कराने के बाद शव मृतक के जीजा और मामा के सुपुर्द कर दिया था।
बताया गया कि रिश्तेदार उसका शव लेकर मंगलवार की शाम ही झारखंड रवाना हो गए थे। इधर सुरक्षा में लापरवाही के मामला सामने आने पर श्रम विभाग ने जांच की बात कही थी। श्रम प्रवर्तन अधिकारी मीनाक्षी भट्ट ने क्र शर में जाकर घटना की जांच की। श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि जांच में मृतक श्रमिक द्वारा घटना के वक्त हेलमेट पहना था। उसने गले में गमछा डाल रखा था और गमछे के पट्टे में लिपट जाने की वजह से ही वह पट्टे की चपेट में आया था। उन्होंने बताया कि क्र शर संचालक द्वारा मृतक श्रमिक के परिवार को चार लाख रुपये आर्थिक मदद का चेक दिया गया है। इसके अलावा उसके अंतिम संस्कार के लिए भी आर्थिक मदद की गई है।
श्रम विभाग की जांच खड़े हुए सवाल
टनकपुर। स्टोन क्र शर के पट्टे की चपेट में आकर श्रमिक अरविंद उराव की मौत के मामले में श्रम विभाग की जांच रिपोर्ट पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। श्रम विभाग ने इस मामले में मृतक श्रमिक के सिर्फ हेलमेट पहने होने को ही सुरक्षा के पर्याप्त मानक मानकर इतिश्री की है। खुद श्रम प्रवर्तन अधिकारी मीनाक्षी भट्ट ने इस घटना के बाद श्रमिकों की सुरक्षा के मानक गिनाते हुए बताया था कि काम के वक्त श्रमिकों को हेलमेट, चश्मा, बूट, ग्लब्ज और धूल से बचने को मॉस्क उपलब्ध कराना जरूरी है, लेकिन यहां तो मृतक श्रमिक को सिवाय हेलमेट के सुरक्षा के इनमें से कोई भी उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। ऐसे में श्रम विभाग की जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर क्रसर संचालक को क्लीनचीट देना श्रम विभाग की जांच पर ही सवाल खड़े कर रहा है। ब्यूरो