चंपावत। जिले में लोनिवि की नौ सड़कें वन भूमि के चलते रुकी पड़ी हैं। लोनिवि ने सड़क निर्माण के लिए दो-तीन साल पहले स्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा था। वन भूमि की स्वीकृति नहीं मिलने से अधिकांश सड़कों को मंजूरी नहीं मिल पा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क नहीं होने से लोगों को 15 किमी तक पैदल चलना पड़ता है। दूरस्थ गांवों के लोगों को खाद्यान्न सामग्री के लिए खच्चरों को लगाना पड़ता है। सड़क निमार्ण के लिए ग्रामीण कई बार लोनिवि के चक्कर काट रहे हैं। दूरस्थ गांवों में सड़कों का निर्माण नहीं होने से अधिकांश लोग गांवों से पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।
इन गांवों की सड़कों पर लगी है वन भूमि की आपत्ति
सड़क किमी
नवाकोट-कोट अमोड़ी तीन किमी
तामली-गढ़मुक्तेश्वर 10 किमी
ललुवापानी से नघान तीन किमी
क्वीड़ागांव से दूबड़ आठ किमी
मिट्टीखाल-सौराई 12 किमी
बिरमोला-रायल पांच किमी
बसौटी-रौकुंवर तीन किमी
चंपावत-मंच चार किमी
बिनवाल गांव-कलियाधूरा 16 किमी
वन भूमि की आपत्ति नहीं हटने से लोनिवि की नौ सड़कों में निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है। सड़कों में वन भूमि की आपत्ति हटाने के लिए कई बार शासन को पत्र भी लिखा जा चुका है।
सीएम पांडेय, एई, लोनिवि चंपावत।