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सभी ग्राम पंचायतों में सुनाया गया प्रधानमंत्री का पत्र

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चंपावत। जिले की सभी 313 ग्राम पंचायतों में शनिवार को खुली बैठकें आयोजित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से जल संरक्षण को लेकर ग्राम प्रधानों और सरपंचों को भेजे गए पत्र को सुनाया गया।
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पत्र में प्रधानमंत्री ने ग्राम प्रधानों को बारिश को ईश्वर की भेंट बताते हुए इसका आदर करने और ऐसे इंतजाम करने पर जोर दिया जिससे बारिश शुरू होते ही बारिश के पानी का अधिक से अधिक संचयन किया जा सके। उन्होंने जल संरक्षण एवं संवर्द्धन कार्यक्रम को जन आंदोलन का रूप देने की अपील की।

पीएम ने पत्र के माध्यम से कहा है कि अगर बारिश का पानी संचयित कर सकें तो न केवल पैदावार बढ़ेगी बल्कि हमारे पास जल का बड़ा भंडार होगा। उन्होंने पत्र में ग्राम प्रधानों से आग्रह किया है कि स्वच्छता अभियान में व्यापक हिस्सेदारी कर उसे जन आंदोलन बनाने में आपने जैसी भूमिका निभाई है वैसी भूमिका इस अभियान को भी जन आंदोलन में तब्दील कर इसे सफल बनाने में अपना नेतृत्व प्रदान करें और नए भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।
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जिलाधिकारी ने खर्ककार्की से की जल संरक्षण की शुरूआत
चंपावत। डीएम रणवीर सिंह चौहान ने शनिवार को खर्ककार्की न्याय पंचायत पहुंचकर इस जल संरक्षण अभियान की शुरूआत की। ग्राम प्रधान कमला पांगती ने प्रधानमंत्री का पत्र ग्रामीणों को सुनाया। डीएम ने कहा कि तापमान बढ़ने, तेजी से हो रहे विकास कार्यों में पेड़ों के कटने से पेयजल का संकट गहराता जा रहा है।

इस दौरान जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, स्वजल विभाग ने खर्ककार्की के पेयजल स्रोत पर जाकर सफाई अभियान चलाते हुए बांज, खर्सू आदि पौधों का रोपण किया। इससे पूर्व जिलाधिकारी के खर्ककार्की पहुंचने पर ढोल नगाड़ों, छोलिया नृत्य से स्वागत किया गया। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, परियोजना निदेशक एचजी भट्ट, ग्राम प्रधान कमला पांगती, स्वजल के धीरज जोशी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

तालाबों की खुदाई और सफाई करने का आह्वान
टनकपुर। क्षेत्र में सभी ग्रामसभाओं में ग्राम प्रधानों के द्वारा ग्रामीणों को प्रधानमंत्री के जल संरक्षण एवं संवर्द्धन कार्यक्रम का संदेश पढ़कर सुनाया गया। पत्र में प्रधानमंत्री ने बारिश को ईश्वर की भेंट बताते हुए उनका आदर करने और ऐसे इंतजाम करने पर जोर दिया जिससे वर्षा शुरू होते ही बारिश के पानी का अधिक से अधिक संचयन किया जा सके।

उन्होंने ग्राम प्रधानों से पत्र के माध्यम से खेतों में मेढ़बंदी, नदियों और धाराओं में चैकडैम का निर्माण करने और तटबंधी, तालाबों की खुदाई और सफाई करने, पौधरोपण, वर्षा जल संचयन हेतु टांका, जलाशय का बड़ी संख्या में निर्माण करने का आह्वान किया है ताकि खेतों का पानी खेत में और गांव का पानी गांवों में संचयित किया जा सके। उचौलीगोठ, बस्तिया, थ्वालखेड़ा, गैंड़ाखाली, सैलानीगोठ, आमबाग, ज्ञानखेड़ा, छिनीगोठ, विचई मनिहारगोठ सभी ग्राम पंचायतों में चौपाल लगाकर प्रधानमंत्री का संदेश पढ़कर सुनाया गया।
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