चंपावत। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से प्रस्तावित वन कानून को जन विरोधी कानून बताते हुए इसकी मुखालफत तेज हो गई है। वन पंचायत सरपंच संगठन ने प्रस्तावित वन कानून को काला कानून बताते हुए इसके विरोध की चेतावनी दी है।
इस संबंध में संगठन की जिला इकाई की बैठक 15 जून को सुबह 10 बजे से लोहाघाट के एनेक्सी भवन में आयोजित की जाएगी। सरपंच संगठन के जिलाध्यक्ष दान सिंह कठायत के अनुसार बैठक में नए वन कानून के विरोध में आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित वन कानून के चलते आम लोगों के वनों से जुड़े हक हकूक प्रभावित होंगे और वन विभाग के कर्मचारियों को किसी का भी उत्पीड़न करने का अधिकार मिल जाएगा।
उन्होंने कहा कि वन पंचायत सरपंचों की ओर से बैठक में आने वाले सुझावों के बाद अगली रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने सभी वन पंचायत सरपंचों के अलावा समाजसेवियों से भी बैठक में शामिल होकर महत्वपूर्ण सुझाव देने की अपील की है।