चंपावत। चंपावत जिला अस्पताल को उच्चीकृत कर बेस अस्पताल बनाने की कवायद को झटका लगा है। बजट नहीं मिल पाने के चलते चार साल पूर्व स्वीकृत बेस अस्पताल में कार्य एक भी कदम आगे नहीं बढ़ा जा सका है।
जिला अस्पताल को 2015 में बेस अस्पताल के रूप में स्थापित करने की मंजूरी मिली थी लेकिन धन नहीं मिलने से इसके बाद से यह पत्रावली ठंडे बस्ते में चली गई है। कार्यदायी संस्था उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम (सीएनडीएस) ने पहले चरण के काम के लिए 276.70 लाख रुपये की मांग की लेकिन यह धन उसे अब तक नहीं मिल सका। जबकि कई बार डीएम के स्तर से भी स्वास्थ्य सचिव को इस संबंध में पत्र भेजकर जरूरी कार्यवाही का आग्रह किया जा चुका है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी का कहना है कि बेस अस्पताल में न केवल बेडों (शैय्याओं) की संख्या 60 से बढ़कर 100 होती है बल्कि एमआरआई, सीटी स्कैन सहित कई बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं भी मिलती हैं। जिला अस्पताल को बेस अस्पताल का रूप देने के लिए पिछले साल अस्पताल परिसर की नपत हुई थी। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि बेस अस्पताल के लिए बजट मंजूर करवाने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला अस्पताल में रिक्त हैं कई अहम पद
चंपावत। जिला अस्पताल में गायनाकोलोजिस्ट (स्त्रीरोग विशेषज्ञ), हृदयरोग विशेषज्ञ जैसे महत्वपूर्ण पद खाली हैं। इसके चलते गर्भवती महिलाओं के जटिल प्रकरणों और हृदयरोगियों को हायर सेंटर रेफर करना मजबूरी बन रहा है। पिछले साल 22 जुलाई से गायनाकोलोजिस्ट (स्त्री रोग विशेषज्ञ) का पद रिक्त है। इसके अलावा ईएनटी, प्लास्टिक सर्जन सहित कई दूसरे विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है।
जिला अस्पताल में चार बैड के आईसीयू के लिए 50 लाख देंगे सांसद बलूनी
चंपावत। जिला अस्पताल में आपात चिकित्सा सेवा को बेहतर करने के लिए सघन निगरानी केंद्र (आईसीयू) बनाने के लिए राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी इस वित्त वर्ष में 50 लाख रुपये देंगे। जिला अस्पताल में चार बैड के आईसीयू के लिए पर्याप्त जगह है। आईसीयू में वैंटिलेटर, पैरामॉनिटर, ऑक्सीजन स्टेशन सहित कई महत्वपूर्ण उपकरण लगाएं जाएंगे। सीएमएस ने बताया कि आईसीयू के लिए फिजीशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, सर्जन और निश्चेतक तो हैं लेकिन तकनीकी स्टाफ नहीं है। जिले में उम्दा आपात चिकित्सा सेवा की कमी के मद्देनजर जिला पंचायत सदस्य गोविंद सामंत ने जिला अस्पताल में आईसीयू का क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा से आग्रह किया था जिस पर राज्यसभा सदस्य बलूनी ने चंपावत के लिए 2019 में आईसीयू के लिए 50 लाख रुपये सांसद निधि से बजट देने का निर्णय लिया है। सीएमएस डॉ.आरके जोशी का कहना है कि आईसीयू बनने से आपात चिकित्सा सेवा बेहतर हो सकेगी।