लोहाघाट (चंपावत)। निर्माणाधीन बारहमासी सड़क पर खतरों का सबब बन रहे 57 पेड़ों के निस्तारण की कार्रवाई शुरू हो गई है। वन विभाग पहले ही आपदा की जद में आने वाले पेड़ों के तत्काल निस्तारण के लिए छपान कर चुका है।
काली कुमाऊं के वन क्षेत्राधिकारी हेम चंद्र गहतोड़ी ने बताया कि एनएच 125 पर सड़क के किनारे खतरे की जद में आए 57 पेड़ों के निस्तारण के लिए वन विकास निगम को आदेश दिया गया है। बापरू आरक्षित वन क्षेत्र में एक, छींडा कंपाट नंबर 22, 23, 25 में 21 , बंतोली वन पंचायत में नौ, बापरू बंतोली दो, पम्दा वन पंचायत में आठ, गंगाली, मऊ वन पंचायत में 11 और मऊ नाप में पांच पेड़ खतरनाक स्थिति में लटके हुए हैं। वन क्षेत्राधिकारी का कहना है कि उनके द्वारा खतरे बने पेड़ों के निस्तारण की पूरी कार्रवाई कर वन निगम को निस्तारण के आदेश कर दिए गए हैं। रेंजर का कहना है कि वन निगम की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते पिछले आठ सालों के पेड़ों के निस्तारण के कार्य लंबित पड़े हैं। ऐसी स्थिति में इन पेड़ों का समय से निस्तारण होने में संदेह बना हुआ है। रेंजर का कहना है कि भविष्य में इन पेड़ों से किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर निगम जिम्मेदार रहेगा।