लोहाघाट (चंपावत)। पंचेश्वर में प्रस्तावित बांध का निरीक्षण करने पहुंचे केंद्रीय जल आयोग (सीडब्लूसी) के अध्यक्ष एस मसूद हुसैन से बांध प्रभावितों ने बांध के कारण क्षेत्र का विकास ठप होने की शिकायत की है। लोगों का कहना है कि डूब क्षेत्र से विस्थापन की कोई योजना सामने आई नहीं है और यहां रह रहे लोगों को बैंक कर्ज तक नहीं दे रहे हैं।
बांध क्षेत्र के दौरे पर आए चेयरमैन से पंचेश्वर आस्था एवं एकता समिति ने कहा कि पिछले साल अगस्त में जन सुनवाई के दौरान क्षेत्रीय लोगों से 28 सूत्री मांगें उठाई थी, लेकिन एक भी मांग को प्रारूप में नहीं जोड़ा गया। बांध की प्रगति रिपोर्ट (डीपीआर) अंग्रेजी में होने से गांव के लोग नहीं समझ सके हैं। बांध के प्रस्तावित होने के बाद से यहां के विकास कार्य ठप पड़ गए हैं। डूब क्षेत्र में आने की संभावना के मद्देनजर पर्याप्त भूमि होने के बावजूद बैंक कर्ज नहीं दे रहे हैं। इसी तरह यहां के अकेले जूनियर हाईस्कूल का उच्चीकरण भी नहीं हो पा रहा है।
इन सबके चलते यहां बच्चों से लेकर ग्रामीणों की जिंदगी दुर्भर हो गई है। प्रस्तावित बांध के चलते घाट-पंचेश्वर सड़क मार्ग का काम रोक दिया गया है। डूब क्षेत्र में आने वाली जमीन के मुआवजे में बढ़ोतरी, परियोजना में रोजगार देने की ठोस नीति की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल में गणेश सिंह, ओंकार धौनी, महेश पंत, गणेश दत्त पंत, बिशन दत्त, पानदेव पंत, लक्ष्मण सिंह बिष्ट, उमाशंकर बिष्ट, तेज सिंह, नवीन नारायण, नारायण राम, सुरेश राम, रमेश पंत, अर्जुन सिंह, होशियार सिंह, किशन सिंह आदि शामिल थे। सीडब्लूसी अध्यक्ष एस मसूद हुसैन ने कहा कि क्षेत्र में होने वाले विकास कार्योे और ऋण आदि नहीं मिलने का मसला राज्य सरकार के स्तर का है। अलबत्ता उन्होंने ग्रामीणों की मांगों को राज्य और केंद्र सरकार के सम्मुख रखने का आश्वासन जरूर दिया। डीएम एसएन पांडेय ने भी ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।