चंपावत। चंपावत जिले से पांच डॉक्टरों का स्थानांतरण किया गया है, लेकिन उनके स्थान पर मात्र एक की ही तैनाती की गई है। और जिस सर्जन पद पर तैनाती की जाएगी, उस कुर्सी पर जिला अस्पताल में पहले से ही डॉ.अमित कुमार देवल कार्य कर रहे हैं।
सीएमएस डॉ.आरके जोशी ने बताया कि जिला अस्पताल में सर्जन का एक ही पद स्वीकृत है। निश्चेतक की कुर्सी खाली है।
शासन द्वारा 24 सितंबर को जारी स्थानांतरण आदेश के तहत जिला अस्पताल के सर्जन डॉ.आरपी खंडूरी को सीएमओ, नेत्र सर्जन डॉ.उदय शंकर को ऊधमसिंह नगर का सहायक मुख्य चिकित्साधिकारी, रेडियोलोजिस्ट डॉ.एचसी त्रिपाठी को किच्छा सीएचसी, डॉ.मंजू रावत को नैनीताल और एसीएमओ डॉ.रश्मि पंत को नैनीताल स्थानांतरित किया गया है।
इधर, सीएमओ डॉ.आरपी खंडूरी ने डॉक्टरों के तबादले से अस्पताल के संचालन में होने वाली दुश्वारी के मामले को बृहस्पतिवार को देहरादून में स्वास्थ्य महानिदेशक के सम्मुख उठाया।
आयुष्मान के जिला समन्वयक तैनाती हुई
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान) के संचालन के लिए चंपावत में जिला समन्वयक की तैनाती हो गई। बृहस्पतिवार को मनोज पांडेय ने जिला समन्वयक का कार्यभार ग्रहण किया। बताया कि योजना का मरीजों को लाभ देने के लिए तीनों अस्पताल (जिला अस्पताल, लोहाघाट और टनकपुर अस्पताल) में आरोग्य मित्रों की तैनाती कर दी गई है। फिलहाल 9829 परिवारों को इस योजना के तहत सालाना पांच लाख रुपये का नि:शुल्क स्वास्थ्य बीमा मिलेगा।
समन्वयक ने बताया कि अक्तूबर से इस योजना का प्रदेश में दायरा और बढ़ाया जाएगा। सरकारी कार्मिक, पेंशनर्स और आयकर दाताओं को छोड़कर अन्य तमाम लोगों को भी योजना से कवर किया जाएगा। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं के जरिए अगले महीने से सर्वे कराया जाएगा। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में 33 हजार से अधिक परिवारों को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में रखा गया था।