रीठा साहिब (चंपावत)। आपात चिकित्सा सेवा 108 की हड़ताल ने बृहस्पतिवार को एक जिंदगी छीन ली। आपात सेवा उपलब्ध नहीं होने से बुजुर्ग सेवानिवृत्त शिक्षक की मौत हो गई। हद तो यह हुई कि हड़ताल में शामिल न होने पर निकटस्थ पाटी का आपात वाहन भी रोगी को जिला अस्पताल ले जाने के लिए नहीं पहुंचा।
चंपावत जिले में रीठा साहब, लोहाघाट और चंपावत में 108 सेवा के कर्मी हड़ताल पर हैं। पाटी और टनकपुर में 108 की हड़ताल नहीं है। बृहस्पतिवार को रीठा साहिब में आमनी जूनियर हाईस्कूल में शिक्षक रहे जोत सिंह परवाल (76) पुत्र उदय सिंह को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। परिजनों ने मरीज को जिला अस्पताल ले जाने के लिए दोपहर बाद दो बजे आपात चिकित्सा सेवा 108 को फोन किया। हड़ताल के चलते रीठा साहिब की आपात सेवा उपलब्ध नहीं हो सकी। शाम को जोत सिंह ने दम तोड़ दिया। मृतक के दो बेटे ललित परवाल और हरीश परवाल हैं। मृतक के रिश्तेदार शैलेंद्र बोहरा ने आरोप लगाया कि हड़ताल की वजह से रीठा साहिब की 108 सेवा नहीं मिल सकी। हड़ताल से बाहर रहने के बावजूद 40 किमी दूर पाटी के आपात सेवा वाहन को नहीं भेजा गया। आपात चिकित्सा सेवा 108 के जिला समन्वयक रजत उनियाल ने कहा कि हड़ताल में नहीं रहने के बावजूद पाटी आपात सेवा के न पहुंचने की जांच की जाएगी।