चंपावत। जिले के विभिन्न विभागों में चालक से लेकर अनुसेवक तक का कार्य निपटाने वाले प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के प्रशिक्षित जवानों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। जिले के युवा कल्याण विभाग में 49 महिला जवानों समेत कुल 284 प्रशिक्षित पीआरडी जवान पंजीकृत हैं। इनमें से केवल 155 को ही रोजगार मिल पाया है। बाकी के 129 प्रशिक्षित जवानों को अपनी तैनाती का इंतजार है।
जिले वर्ष 2016 में युवा कल्याण विभाग की ओर से जिले में 49 महिलाओं को 22 दिनी सैन्य प्रशिक्षण दिया गया था। जिसमें से चालू वितीय वर्ष में कुल 21 महिलाओं को ही अल्प रोजगार दिया गया है, शेष बेरोजगार है। यही हाल पुरुष पीआरडी जवानों का बना हुआ है। 235 पुरुष जवानों में से मात्र 134 को रोजगार मिला है। पीआरडी हितकारी संगठन के संयोजक रमेश जोशी का कहना है कि चंपावत और पूर्ववर्ती पिथौरागढ़ जिले में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण हासिल करने के बाद भी प्रशिक्षित जवान अपना भविष्य अंधकार में डालने को विवश हो रहे हैं। रोजगार तथा अन्य समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन, शासन और जनप्रतिनिधियों को प्रार्थना पत्र दिए जाते रहे हैं। लेकिन प्रशिक्षित जवानों को आज भी रोजगार का इंतजार है।
नए पीआरडी जवानों को प्रशिक्षण दिए जाने का विरोध
चंपावत। युवा कल्याण विभाग की ओर से जिले में 30 नए पीआरडी जवानों को 22 दिनी अर्द्ध सैन्य प्रशिक्षण दिया जाना प्रस्तावित है। लेकिन पीआरडी हितकारी संगठन नेे इसका विरोध करते हुए तत्काल प्रशिक्षण में रोक लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि जो बजट विभाग भर्ती प्रक्रिया में लगाना चाहता है। उसे अल्प समय के लिये रोजगार मजदूरी मद में मर्ज करते हुए लंबे समय से प्रशिक्षण लेने वालों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए।