टनकपुर (चंपावत)।
हाथियों का झुंड जंगल से लगे गांवों के लोगों के लिए दिनों-दिन खतरा बनता जा रहा है। फसल और फलदार पेड़ों को तबाह करने के साथ ही अब शोर मचाने पर हाथियों का झुंड ग्रामीणों के पीछे दौड़ने लगे हैं, इससे जानमाल का खतरा बना है। शनिवार रात भी हाथियों के झुंड ने थ्वालखेड़ा गांव में तीन किसानों की फसल नष्ट करने के साथ ही फलदार पेड़ों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त किया है।
पूर्णागिरि मार्ग पर स्थित नायकगोठ, थ्वालखेड़ा, गैंड़ाखाली, खेतखेड़ा, उचौलीगोठ, बसानीगोठ, चिलियाघोल आदि गांवों में पिछले दस दिन से हाथी उत्पात मचा रहे हैं। शनिवार रात फिर थ्वालखेड़ा में घुसे हाथियों के झुंड ने प्रकाश सिंह नेगी, पूरन सिंह नेगी, देव सिंह नेगी की खेत में खड़ी गेहूं की फसल रौंदकर नष्ट करने के साथ ही आम, लीची के पेड़ों को भी तहस-नहस कर दिया। पूर्व प्रधान सतीश पांडेय ने बताया कि शनिवार रात साढ़े आठ बजे चार हाथियों का झुंड गांव में घुस आया, जो सुबह दो बजे तक खेतों में ही डेरा जमाए रहे।
इनमें दो हाथी दांत और दो बगैर दांत वाले थे। उन्होंने बताया कि शोर मचाकर भगाने का प्रयास करने पर अब हाथी ग्रामीणों की तरफ दौड़कर हमला करने की कोशिश करने लगे हैं। बताया कि ये हाथी थ्वालखेड़ा के बाद खेतखेड़ा गांव की तरफ भी गए और कुछ देर बाद लौटकर फिर थ्वालखेड़ा में फसलों को तबाह करते रहे। ग्राम प्रधान सुंदर सिंह बोहरा, नायकगोठ प्रधान रेनू देवी, उचौलीगोठ प्रधान सुरेश महर आदि ने प्रशासन एवं वन विभाग से जल्द सुरक्षात्मक उपाय करने की मांग की है।