चंपावत। नगर पालिका की ओर से भवन मूल्यांकन में संशोधन लागू न करने के विरोध में बुधवार को छतार वार्ड के नागरिकों ने आक्रोश जताया। उन्होंने नगर पालिकाध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंप कर भवन मूल्यांकन में संशोधन लागू करने की मांग उठाई है।
नागरिकों का कहना है कि भवन मूल्यांकन लागू नहीं किए जाने के कारण जल संस्थान की ओर से उन्हें भारी भरकम बिल भेजे जा रहे हैं। उनका कहना है कि जल संस्थान के भारी भरकम बिलों के विरोध में नागरिकों के प्रदर्शन के बाद नगर पालिका की ओर से भवन मूल्यांकन के आधार पर जल मूल्य निर्धारित किया गया। जिसमें भवन मूल्यांकन में 70 फीसदी की कमी करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
लेकिन तीन माह बीतने के बाद भी भवन मूल्यांकन संशोधन नहीं किया गया है और जल संस्थान की ओर से भारी भरकम बिल उपभोक्ताओं को थमाए जा रहे हैं। सभासद शकुंतला गोस्वामी के नेतृत्व में ज्ञापन देने वालों में नित्यानंद, नारायण दत्त, सोहन सिंह डसीला, मोतीराम जोशी, यशोधर भट्ट, लीला वर्मा, कविता पंत, दीपा तिवारी, मंजू सामंत, अनीता, जानकी देवी, दीपा खर्कवाल आदि शामिल रहे।