बनबसा (चंपावत)। गन्ना खरीद अब तक शुरू नहीं होने से किसान परेशान हैं। उनके सामने खेतों में खड़ी गन्ने की फसल को आग लगाने की नौबत आ गई है। क्षेत्र के काफी किसानों का गन्ने का पिछला भुगतान भी बकाया है।
आमतौर पर मध्य नवंबर तक लगने वाला गन्ना खरीद केंद्र अब तक शुरू नहीं हुआ है, इससे बनबसा, टनकपुर के किसानों में रोष है। बनबसा में करीब छह हजार तो टनकपुर में करीब आठ हजार क्विंटल गन्ना उत्पादन होता है। क्षेत्र के गन्ना उत्पादकों ने बताया कि अब तक चीनी मिलों ने भी उनसे संपर्क नहीं किया है। क्षेत्र के प्रमुख गन्ना उत्पादक जगत सिंह मिताड़ी ने बताया कि क्षेत्र में 15 नवंबर तक गन्ने की खरीद शुरू कर दी जाती थी, लेकिन पिछले वर्ष से समय पर गन्ने की खरीद नहीं हो पा रही है। राज्य बागवानी पुरस्कार प्राप्त पुष्कर कापड़ी ने बताया कि गन्ना नहीं बिकने और गेहूं की बुआई का समय निकलने से किसान खेतों में खड़े गन्ने में आग लगाने की सोच रहे हैं।
टनकपुर के प्रमुख गन्ना उत्पादक पूर्व पालिकाध्यक्ष जगत सिंह रावत ने बताया कि क्षेत्र के गन्ना उत्पादकों का पिछला भुगतान भी बकाया है। बनबसा देशीफार्म निवासी गन्ना उत्पादक गणेश प्रसाद मौर्य ने बताया कि सितारगंज शुगर मिल बंद होने से दिक्कतें आ रही हैं। पिछली खरीद इसी वर्ष 16 मार्च तक चली थी, जिसका काफी भुगतान बकाया है। बताया अभी सरकार ने गन्ने का समर्थन मूल्य भी निकाला है। उधर, क्षेत्र के गन्ना उत्पादक उस्मान, हरीश श्रीवास्तव, कै. विरेंद्र रजवार, कै. हरीश कापड़ी आदि ने बताया कि समय पर गन्ना नहीं बिकने से किसान गन्ने के खेतों में आग लगाने को मजबूर होगा। क्षेत्र के गन्ना उत्पादकों ने बनबसा में गन्ना खरीद शुरू करने को लेकर डीएम को शीघ्र ही ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है।