चंद्रशेखर जोशी
चंपावत। जिले के 97 से अधिक तोकों के 1450 परिवार इस बार एक बार नहीं, दो बार दिवाली मनाएंगे। इन परिवारों के लिए दूसरी बार खुशी का ये अवसर दिवाली से तीन हफ्ते बाद तब आएगा, जब ये इलाके बिजली से जगमग होंगे।
बुड़म सहित चंपावत जिले के 56 तोकों के 3500 परिवारों पहले ही रोशन हो चुके हैं। 97 तोकों के 1450 परिवारों को 30 नवंबर 2018 तक सौर ऊर्जा से रोशन किया जाएगा। इसके अलवा जिले के 526 तोक विद्युतीकृत होने बाकी है। इन तोकों को दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत दिसंबर 2019 तक विद्युतीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिलाधिकारी सुरेंद्र नारायण पांडेय ने बताया कि ऊर्जा निगम इन इलाकों को सौर ऊर्जा के जरिए विद्युतीकृत करेगा। इसके लिए विभाग ने जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन इलाकों में मुख्य रूप से नेपाल सीमा से लगे दूरदराज के ऐसे गांव हैं, जहां बिजली लाइन को पहुंचा पाना तकनीकी और व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है या वहां बिजली की व्यवस्था करने में बेतहाशा खर्च आ रहा है।
3490 परिवारों को अगले साल तक मिलेगी बिजली
ऊर्जा निगम ने चंपावत जिले में एक साल के भीतर 3500 परिवार तक बिजली पहुंचाई है। गांवों को विद्युतीकृत करने से लेकर संयोजन देने तक का काम इस अवधि में पूरा किया गया है। अब जिले में 4990 परिवार विद्युतीकरण से वंचित है। इन परिवारों में से 1450 परिवारों को इस महीने 30 नवंबर तक सौर ऊर्जा के जरिए जगमग कर दिया जाएगा। इस तरह अब कुल 3490 परिवार तक बिजली पहुंचानी होगी। विभाग का कहना है कि अगले साल दिसंबर तक इन परिवारों में उजाला पहुंच जाएगा।
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जिले के दूरदराज के 1450 परिवारों को सौर ऊर्जा से 30 नवंबर तक विद्युतीकृत करने का काम शुरू किया जा रहा है। उम्मीद है कि इस अवधि तक वहां विद्युतीकरण कर दिया जाएगा।
-तरुण कुमार, अधीक्षण अभियंता, यूपीसीएल, पिथौरागढ़ सर्किल।