टनकपुर (चंपावत)। किरोड़ा नाले, हुड्डी नदी एवं चल्थी की लधिया नदी में ई-टेंडरिंग व रिवर ट्रेनिंग नीति के तहत खनन खोलने की कवायद शुरू हो गई है। शुक्रवार को एसडीएम के नेतृत्व में भू तत्व एवं खनिकर्म, वन एवं सिंचाई विभाग की टीम ने सर्वे किया। टीम की ओर से ई-टेंडरिंग के लिए सर्वे रिपोर्ट शासन को, रिवर ट्रेनिंग के लिए सर्वे रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
गौरतलब है कि किरोड़ा नाले के डाउन स्ट्रीम में नाले को चैनलाइज करने के लिए जिला प्रशासन ने पहले ही चार आवेदन स्वीकृत किए हैं। ग्रामीणों के कड़े विरोध के चलते चैनलाइज करने का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। अब शासन ने किरोड़ा के अप स्ट्रीम आरक्षित वन क्षेत्र में नाले को रिवर ट्रेनिंग नीति या ई-टेंडरिंग से खनिज निकासी कर चैनलाइज करने के साथ ही आरक्षित वन क्षेत्र की हुड्डी व चल्थी की लधिया नदी को भी रिवर ट्रेनिंग नीति या ई-टेंडरिंग से खनन कर चैनलाइज किए जाने की कवायद शुरू कर दी है।
शुक्रवार को एसडीएम अनिल चन्याल के नेतृत्व में भू तत्व एवं खनिकर्म इकाई के उप निदेशक भू-वैज्ञानिक लेखराज, सिंचाई विभाग के एई आरके यादव, उप प्रभागीय वनाधिकारी शारदा रेंज राजेश श्रीवास्तव एवं चंपावत वन प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी मनोहर सिंह सेमिया ने संयुक्त रूप से किरोड़ा नाले सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की है। हुड्डी व चल्थी की लधिया नदी में तहसीलदार पूनम पंत के नेतृत्व में टीम ने सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की है।
एसडीएम चन्याल ने बताया कि कम क्षेत्रफल में रिवर ट्रेनिंग नीति के तहत व ज्यादा क्षेत्रफल होने पर ई-टेंडरिंग नीति के तह खनन कर नदी-नालों को चैनलाइज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे जहां नदी-नालों के किनारे बसे गांवों की भू-कटाव से सुरक्षा होगी वहीं सरकार को भी राजस्व मिलेगा। एसडीएम ने बताया कि सर्वे की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जा रही है।