टनकपुर (चंपावत)। एनएच 125 में मुआवजा वितरण में मुआवजा घोटाले से प्रशासन ने साफ इंकार किया है। कहा कि मुआवजा वितरण में किसी तरह की कोई अनियमितता नहीं हुई है। अलबत्ता मुआवजा वितरण के दस्तावेजों के रख-रखाव में लापरवाही जरूर हुई है। बजट के अभाव में कई प्रभावितों को मुआवजे का वितरण तक नहीं हुआ है।
एनएच 125 को टू लेन हाइवे बनाने को कार्यदायी विभाग एनएचएआई व राजस्व विभाग ने भूमि अधिग्रहण में प्रभावित लोगों को भूमि, भवनों का मुआवजा तय किया है। कुछ प्रभावितों को मुआवजा वितरित किया जा चुका है, जबकि कई प्रभावितों को बजट न आने से अभी भी मुआवजा नहीं मिल पाया है। एनएच 74 की तरह यहां भी मुआवजा वितरण में घोटाले की आशंका उठने के बाद प्रशासन ने इस आशंका से साफ इंकार किया है। तहसीलदार पूनम पंत का कहना है के मुआवजे के वितरण में किसी तरह की कोई अनियमितता नहीं बरती गई है।
उनके मुताबिक मुआवजे के लिए पांच करोड़ रुपसे का बजट आया है। अब तक भूमि, भवन प्रभावित 126 लोगों को 2.90 करोड़ मुआवजा राशि वितरित की जा चुकी है। शेष लोगों को मुआवजा अब तक इसलिए नहीं बांटा जा सका क्योंकि उनके नाम पर भूमि दर्ज नहीं है। अवशेष लोगों में मुआवजा उन्हीं प्रभावितों को वितरित किया जाएगा जो एनएच मानक के दायरे में आते हो। इसके लिए सर्वे कराया जा रहा है। वितरित किए गए मुआवजे के अभिलेखों का रख-रखाव नहीं हुआ था, जो अब दुरुस्त कर लिया गया है।
उनके मुताबिक मुआवजा के भुगतान प्रभावितों के बैंक खातों के माध्यम से किया गया है, जिसकी सूची रजिस्टर में दर्ज कर प्रभावितों के हस्ताक्षर लिए गए थे, लेकिन अन्य अभिलेखों का विधिवत रख-रखाव नहीं किया गया था। तहसीलदार ने कहा है कि शासन से इस मामले की जांच के आदेश में बारे में उन्हें जानकारी नहीं है, लेकिन डीएम के आदेश पर एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा जरूर मामले की जांच कर रही हैं।