चंपावत। जिले में शुक्रवार अपरान्ह 2 बजे बाद से एक साथ हुए औचक निरीक्षण में 40 अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यालयों से नदारद मिले। चंपावत जिला विकास अधिकारी कार्यालय के मुआयने में बाबू नशे में मिला।
एसडीएम का कहना है कि अन्य कार्यालयों के मुआयने में जाने की वजह से कर्मचारी का चिकित्सकीय परीक्षण तो नहीं कराया जा सका, लेकिन इस बात का उल्लेख उन्होंने निरीक्षण आख्या में किया है।
दूसरी तरफ कर्मी ने शराब पीने के आरोप से इनकार किया है। आयुक्त राजीव रौतेला के निर्देश पर डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने 13 अधिकारियों के नेतृत्व में बनाई गई टीम ने निरीक्षण किया। अनुपस्थित कर्मियों का जवाब-तलब करने के साथ रिपोर्ट मंडलायुक्त को भेजी गई है।
टीम ने चंपावत, लोहाघाट, पाटी, बाराकोट, टनकपुर-बनबसा क्षेत्र में एक साथ औचक निरीक्षण किया। चंपावत की एसडीएम सीमा विश्वकर्मा, टनकपुर के अनिल गर्ब्याल, पाटी की एसडीएम शिप्रा जोशी, लोहाघाट की तहसीलदार नीलू चावला, टनकपुर की तहसीलदार पूनम पंत, एआरटीओ रश्मि भट्ट, सीएमओ डॉ.आरपी खंडूरी, जलागम के उप परियोजना निदेशक एमएस कुंवर, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी राजेंद्र प्रसाद उप्रेती, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बिलाल यूनुस, पेयजल निगम के वीके जोशी, नलकूप डिविजन के पीएस गर्ब्याल, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुरेश रावत ने मुआयना किया।
समय से पहले बंद मिले दो स्कूल
पाटी क्षेत्र के दो स्कूल छुट्टी के समय से पहले ही बंद मिले। एसडीएम शिप्रा जोशी ने दुबचौड़ा और पिपलाटी प्राथमिक विद्यालय का मुआयना किया, तो दोनों स्कूलों में ताले लटके मिले। इसके अलावा सूखीढांग पशु सेवा केंद्र अपरान्ह 3.15 बजे बंद मिला, मगर इस केंद्र के कर्मियों के बनबसा में आयोजित कार्यक्रम में जाने की बात सामने आई।
नहीं किया मुआयना, एक दिन का वेतन काटने के आदेश
टनकपुर के सहायक आयुक्त राज्य कर दीपक कुमार द्वारा औचक मुआयना नहीं करने पर डीएम ने एक दिन के वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी एनके बचखेती ने बताया कि सहायक आयुक्त को मुआयना करने के लिए फोन करने के अलावा ग्रुप में मैसेज भी किया गया था, लेकिन उन्होंने न कोई जवाब दिया और नहीं मुआयना किया।
अनुपस्थित मिले ये अधिकारी-कर्मचारी
जिला आबकारी अधिकारी, डीएम कार्यालय के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, अपर सहायक, और डाटा एंट्री ऑपरेटर, सीडीओ कार्यालय के अभियंता के अलावा चार लिपिक संवर्ग कर्मचारी अनुपस्थित मिले।
चंपावत एसडीएम कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी के अलावा दो महिला कर्मी, लघु सिंचाई विभाग के बाबू, उरेडा विभाग के कनिष्ठ अभियंता के अलावा एक और कर्मचारी भी अनुपस्थित मिले। आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग के दो कर्मचारी अनुपस्थित थे।
शिक्षा विभाग के वित्त अधिकारी और अन्य कर्मचारी कार्यालय में मौजूद नहीं मिले। ग्रामीण निर्माण विभाग के तीन कर्मचारी, पंचायती राज विभाग के तीन कर्मचारी, उद्यान विभाग की एक महिला कर्मी, पशुपालन विभाग के एक कर्मचारी, सहकारिता से दो कर्मचारी, जिला क्षय रोग निदान कार्यालय से एक कर्मी, बचत विभाग से एक महिला कर्मी भी अनुपस्थित थीं।
जल संस्थान के एक कर्मी, टनकपुर संयुक्त अस्पताल के एक डॉक्टर और दृष्टिमितिज्ञ, बाराकोट बीडीओ कार्यालय से तीन कर्मचारी, सिंचाई विभाग के दो कर्मचारी, बिजली विभाग की दो महिला कर्मी भी अनुपस्थित थीं।